काशीपुर: चिकित्सकों को बाहर से दवाई लिखना और जांच कराना पड़ सकता है महंगा

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काशीपुर, अमृत विचार। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों को बाहर से दवाई लिखना और जांच कराना महंगा पड़ सकता है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने आए दिन मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर अपर निदेशक को नोडल अधिकारी नामित कर प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। 29 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा …

काशीपुर, अमृत विचार। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों को बाहर से दवाई लिखना और जांच कराना महंगा पड़ सकता है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने आए दिन मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर अपर निदेशक को नोडल अधिकारी नामित कर प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

29 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने सरकारी अस्पतालों को पत्र जारी कर कहा कि राजकीय चिकित्सालयों में आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और समाचार पत्रों के माध्यम से समय-समय पर यह शिकायतें प्राप्त हो रही है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज करने आए रोगियों को इलाज के नाम पर डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ द्वारा अवैध धन वसूली किए जाने एवं राज्य के चिकित्सालयों में प्रदान की जाने वाली निशुल्क सेवाएं जैसे औषधि की उपलब्धता, पैथोलॉजी जांचें इत्यादि यह कह कर बाहर से लिखी जाती है कि औषधि अस्पताल में उपलब्ध नहीं और संबंधित मशीनें खराब है या मानव संसाधन उपलब्ध नहीं है।

इस संबंध में शिकायतों के निराकरण के लिए महानिदेशक स्तर से अपर निदेशक (चिकित्सा उपचार) डॉ. मीतू शाह को नोडल अधिकारी नामित किया जाता है। डीजी ने नोडल अधिकारी को विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।

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