बहराइच: सरयू नदी का बढ़ा जलस्तर, एक दर्जन गांव मुहाने पर, बचाव के लिये सिंचाई विभाग ने शुरू की कवायद
बहराइच। जिले में अभी पूरी तरह से मानसून नहीं आया है। लेकिन नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के चलते महसी और नानपारा तहसील में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी के निकट बसे गांव के लोग बचाव के प्रयास करने लगे हैं। सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए कार्य शुरू कर दिया …
बहराइच। जिले में अभी पूरी तरह से मानसून नहीं आया है। लेकिन नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के चलते महसी और नानपारा तहसील में पानी का जलस्तर बढ़ने लगा है। नदी के निकट बसे गांव के लोग बचाव के प्रयास करने लगे हैं। सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। जिले में शनिवार शाम को मूसलाधार बारिश हुई। लेकिन यह बारिश काफी नहीं है।
उधर पहाड़ी इलाकों के साथ जिले जंगल क्षेत्र के मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश से सरयू नदी का जलस्तर दो दिनों में तेजी से चढ़ने लगा है। सरयू नदी के तटवर्ती इलाकों के एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों की धड़कने तेज हो गई है।करीब एक दर्जन गांव नदी के मुहाने पर आ गए हैं। गांवों में मकानों के कटने का खतरा बढ़ गया है।

हालांकि प्रशासन गांव को कटान से बचाने के लिए बम्बूक्रेट बनाकर नदी का रुख गांव के विपरित मोड़ने की कवायद शुरू कर दी है।पिछले दो दिनों से लगातार सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। एकाएक तेजी से जलस्तर में इजाफा होने लगा है।शिवपुर ब्लाक क्षेत्र के नौव्वनपुरवा,पहलीपुरवा, मोतीपुरवा , चमारन पुरवा,सेवक पुरवा,हसमत पुरवा,पसियन पुरवा, परागी बेली, झुंडी सहित दर्जन भर गांव नदी के मुहाने पर हैं। एसडीएम नानपारा परेश के मुताबिक अभी बाद की कोई स्थिति नहीं है।
प्रशासन की नहीं है व्यवस्था
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं है। केवल क्षेत्रीय लेखपाल सर्वे करने गांव आया था।बाकी प्रशासन ने सुध नहीं ली है। बाढ़ आने पर एक मात्र निजी नाव राहत बचाव के काम आती है। प्रशासन की तरफ से न तो पूर्व में और न ही वर्तमान में कोई व्यवस्था की गई है। गांव नदी के मुहाने पर है। बांध की दूरी 4 किलोमीटर ब्लॉक मुख्यालय की दूरी 7 किलोमीटर है। करीब क्षेत्र के 200 मकान नदी के मुहाने पर बसे हैं। नदी की धारा तेज होने पर कभी भी पेट में समा सकते।कई मकान नदी की ओर लटके हैं… शिव मूर्ति वर्मा, पूर्व प्रधान तिगडा।
बचाव के लिए चल रहा कार्य
शिवपुर क्षेत्र के तिगडा गांव के पास बम्बूक्रेट बनाकर सरयू नदी का रुख गांव के विपरित मोड़ने का प्रयास किया जा रहा हैं। पच्चीस बम्बूक्रेट बनना प्रस्तावित है। सात का निर्माण किया जा चुका है।शेष पर काम किया जा रहा। यह प्रक्रिया आस्थाई है,सफल होने पर और बनाए जा सकते हैं। एक दिन पूर्व गोपियां बैराज से 11087 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। गुरुवार से 7592 क्यूसेक पानी चल रहा है। अभी बाढ़ की कोई संभावना नहीं है। नदी के मुहान वाले गांव को बचाने की कोशिश की जा रही…आशुतोष शर्मा,अवर अभियंता सरयू ड्रेनेज खंड।
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