बरेली: एसडीएम ने ईओ को दोषी माना, नगर मजिस्ट्रेट की जांच में दोषमुक्त
बरेली, अमृत विचार। गोबर के ढेर में गोवंशों के अवशेष मिलने और मृत गोवंशों का अंतिम संस्कार न कराने के मामले में मीरगंज नगर पंचायत से हटाए गए अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार कुशवाह के विरुद्ध दो स्तरीय जांच कराई गई। संयुक्त जांच आख्या के साथ एसडीएम की जांच आख्या में भी ईओ को गोवंशों के …
बरेली, अमृत विचार। गोबर के ढेर में गोवंशों के अवशेष मिलने और मृत गोवंशों का अंतिम संस्कार न कराने के मामले में मीरगंज नगर पंचायत से हटाए गए अधिशासी अधिकारी प्रमोद कुमार कुशवाह के विरुद्ध दो स्तरीय जांच कराई गई। संयुक्त जांच आख्या के साथ एसडीएम की जांच आख्या में भी ईओ को गोवंशों के अवशेष मिलने के प्रकरण में प्रथमदृष्टया दोषी माना गया। एसडीएम ने अपनी जांच आख्या में यहां तक कहा कि ईओ की लापरवाही से कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की थी। इस प्रकरण में नगर मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय से भी जांच कराई गई। उन्होंने अपनी जांच आख्या में ईओ को दोषी नहीं माना। उन्होंने वीडियो वायरल करने वाले ट्रैक्टर ट्राली चालक को मामले में दोषी माना है। एक प्रकरण में अधिकारियों की जांच में अलग-अलग निष्कर्ष निकाले जाने को लेकर सीनियर अधिकारी भी असमंजस में हैं। अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह ने प्रकरण की जांच आख्याओं को संलग्न करते हुए अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं ईओ फिर मीरगंज में तैनाती कराने के प्रयास में जुटे हैं।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन को भेजी गई संयुक्त जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी समेत अन्य ने 9 जून की शाम को उस स्थान का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां पर गोवंशों के अवशेष पड़े थे। दो मृत गोवंशों के शव ईंट भट्ठे की खाई में दिखाई दे रहे थे। उससे कुछ दूरी पर मृत पशुओं के कंकाल भी पड़े थे। आसपास पशुओं की हड्डियां भी बिखरी हुई दिखाई दे रही थीं।
उक्त स्थान नगर पंचायत मीरगंज सीमा से कुछ ही दूरी पर स्थित ग्रामीण क्षेत्र ग्राम नगरिया कल्यानपुर में स्थित है। जांच में यह तय कर पाना संभव नहीं था कि यह गोवंश नगर पंचायत मीरगंज के हैं या आसपास के ग्रामीणों के द्वारा लाकर यहां डाले गए हैं, लेकिन वायरल वीडियो में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि ट्रैक्टर-ट्राली व कर्मचारी नगर पंचायत मीरगंज के हैं और इस बात की स्वीकारोक्ति अधिशासी अधिकारी ने भी की थी।
मामले में ईओ की लापरवाही सामने आई। पूरे मामले में एसडीएम वेद प्रकाश मिश्र ने अधिशासी अधिकारी को प्रथमदृष्टया दोषी माना और उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति भी की। वहीं, नगर मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने अपनी जांच आख्या में ट्रैक्टर ट्राली के ड्राइवर को वीडियो बनाकर वायरल करने का दोषी माना है लेकिन प्रकरण में ईओ की कोई लापरवाही या दोष कहीं से प्रतीत न होने की बात जांच आख्या में कही है।
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