अयोध्या: दुष्कर्म के आरोपी को बचाने के फेर में बुरे फंसे दारोगा, FIR दर्ज
अयोध्या। जनपद में एक बार फिर खाकी शर्मशार हुई है। इस बार किसी सिपाही या हेड कांस्टेबल ने नहीं बल्कि दरोगा ने अपनी करतूतों से डिपार्टमेन्ट की छीछालेदर कराई है। इनायतनगर के दरोगा पर रेप के केस से दुष्कर्म की धारा हटाने पर अदालत ने उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ …
अयोध्या। जनपद में एक बार फिर खाकी शर्मशार हुई है। इस बार किसी सिपाही या हेड कांस्टेबल ने नहीं बल्कि दरोगा ने अपनी करतूतों से डिपार्टमेन्ट की छीछालेदर कराई है। इनायतनगर के दरोगा पर रेप के केस से दुष्कर्म की धारा हटाने पर अदालत ने उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही मुकदमे में धारा बढ़ाते हुए आरोपी को भी तलब किया है।
अपर सिविल जज सीडी द्वितीय/ एसीजेएम ने बारुन चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अमित कुमार को अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मुकदमे से 376 आईपीसी की धारा विलोपित करने का आरोपी मान लिया है। इनायतनगर थाना क्षेत्र निवासी एक पीड़ित महिला द्वारा थाने में अपराध संख्या 425/ 2021 धारा 376, 504, 506 आईपीसी के तहत एक केस दर्ज कराया गया था।
विवेचना इनायत नगर थाने के उपनिरीक्षक अमित कुमार द्वारा की गई थी। उन्होंने आरोपी बद्रीनाथ पुत्र खुशीराम निवासी सफदर भारी थाना इनायतनगर को मात्र धारा 323 ,504, 506 आईपीसी का अपराधी मानते हुए आरोप पत्र बीते 1 अक्टूबर 2021 को न्यायालय में दाखिल कर दिया था।
विवेचक ने पीड़ित महिला द्वारा दिए गए 164 के बयान को भी नजरअंदाज कर असत्य मान लिया गया था और मुकदमे से दुराचार की धारा 376 आईपीसी को हटा दिया था।
महिला अपराध संबंधी गंभीर मुकदमे में उप निरीक्षक द्वारा आरोपी को क्लीन चिट दिए जाने को न्यायालय ने संज्ञान ले लिया और अपने रीडर को आदेश दे दिया कि मुकदमे के विवेचक उपनिरीक्षक अमित कुमार के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा कर विवेचना कराना सुनिश्चित करें।
अदालत ने महिला संबंधी गंभीर अपराध के मुकदमे में विवेचक की लापरवाही एवं आरोपी को बचाए जाने का पुख्ता सबूत पत्रावली के अवलोकन के पश्चात माना।
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