निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की

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नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की तथा इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने दोहराया कि निर्वाचन अधिकारी (आरओ) एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों (एआरओ) को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी प्रक्रियाओं एवं निर्देशों का अक्षरश: पालन करना चाहए। राज्य सभा …

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों की बुधवार को समीक्षा की तथा इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने दोहराया कि निर्वाचन अधिकारी (आरओ) एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों (एआरओ) को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी प्रक्रियाओं एवं निर्देशों का अक्षरश: पालन करना चाहए। राज्य सभा के महासचिव पी सी मोदी इस चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी हैं।

आयोग ने एक के बाद एक किए कई ट्वीट में कहा कि कुमार ने चुनाव सामग्री को पहुंचाने एवं उनकी वापसी व चुनाव के हर कदम के सावधानीपूर्वक प्रबंधन पर जोर दिया है। राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के बीच मुकाबला है। राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद भवन एवं सभी राज्यों की विधानसभाओं में मतदान होता है।

निर्वाचित सांसद एवं विधायक निर्वाचक मंडल के सदस्य होते हैं। मनोनीत सांसद एवं विधायक तथा विधानपरिषद के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डालते हैं। मतगणना संसद भवन में होती है। चुनाव आयुक्त अनुप चंद्र पांडे ने कहा कि बुधवार की बैठक पहले हुई कार्यशाला की अगली कड़ी है। उन्होंने आरओ और एआरओ एवं उनकी टीम को उनकी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति चुनाव स्वतंत्र , निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से कराये जाएंगे।

निर्वाचन आयोग ने आरओ, एआरओ एवं राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को मतदान केंद्र स्थान की स्थापना, मतपत्र की प्रिटिंग, मतपत्र की गोपनीयता, मतपेटियों की सुरक्षा एवं अन्य चुनाव सामग्रियों जैसे चुनाव कराने से जुड़े पहलुओं पर निर्देश जारी किये हैं।

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