अयोध्या: राम मंदिर के गर्भगृह की पहली लेयर तैयार, एयरपोर्ट निर्माण की अवधि बढ़ी
अयोध्या। देश भर में बैठे राम भक्तों की निगाहें अयोध्या की ओर टकटकी लगाए हुए है। तो अब राम भक्तों के लिए एक और खुशी की खबर आई है। मंदिर के गर्भगृह की पहली लेयर का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही संपूर्ण मंदिर की प्लिंथ का 60 प्रतिशत कार्य भी पूरा कर लिया …
अयोध्या। देश भर में बैठे राम भक्तों की निगाहें अयोध्या की ओर टकटकी लगाए हुए है। तो अब राम भक्तों के लिए एक और खुशी की खबर आई है। मंदिर के गर्भगृह की पहली लेयर का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही संपूर्ण मंदिर की प्लिंथ का 60 प्रतिशत कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
रामलला जनवरी 2024 में गर्भगृह में विराजमान होंगे। इधर, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की अवधि बढ़ा तीन माह बढ़ा दी गई है। अब मार्च 2023 तक एयरपोर्ट बनकर तैयार होगा।
ट्रस्ट के मुताबिक रामलला के गर्भगृह की दीवार सात लेयर की होगी। गर्भगृह कमल की आकृति का आठ कोण वाला होगा। तीन तल वाले मंदिर की पहली मंजिल पर 14 दरवाजे होंगे। निर्माण निश्चित समय में पूरा करने के लिए दो शिफ्ट में एक हजार कारीगर काम कर रहे हैं। रामलला के गर्भगृह का निर्माण एक जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुरू कराया था।
सवा माह की अवधि में गर्भगृह की पहली लेयर तैयार हो गई है। इसमें लाल बलुआ पत्थर के 70 ब्लाक निर्धारित मानचित्र के अनुरूप शिफ्ट किए जा चुके हैं। वहीं संपूर्ण मंदिर की प्लिंथ का 60 फीसद काम पूरा हो चुका है। राम चबूतरा में 17 हजार ग्रेनाइट के ब्लाक प्रयुक्त होने हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार, प्लिंथ में प्रयुक्त ब्लॉक की लंबाई-चौड़ाई एवं ऊंचाई पांच गुणे ढाई फीट गुणे तीन फीट है।
इसका वजन करीब तीन टन है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले माह तक प्लिंथ निर्माण पूरा हो जाएगा। वहीं श्रीराम के जीवन प्रसंग-12 मीटर ऊंची प्रस्तावित रिटेनिंग वाल पश्चिम और उत्तर में 6 मीटर ऊंची निर्मित भी हो गई है। रिटेनिंग वाल की बाहरी सतह पर श्रीराम के जीवन प्रसंगों को चित्रित किया जाएगा।
एयरपोर्ट में 150 वाहनों की बनाई जा रही है पार्किंग
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की अवधि बढ़ा तीन माह बढ़ा दी गई है। अभी तक इसकी डेडलाइन दिसंबर 2022 थी। शुक्रवार को सांसद लल्लू सिंह ने मंदिर मॉडल के रूप में निर्मित होने वाले एयरपोर्ट का निरीक्षण किया।
भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के अधिकारियों ने मानचित्र के साथ सांसद लल्लू सिंह को रन वे व एयरपोर्ट के भवन निर्माण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके उपरान्त अस्थाई कार्यालय पर रखे एयरपोर्ट के माडल का भी सांसद ने अवलोकन किया। एयरपोर्ट के निर्माण कार्य की लागत करीब 200 करोड़ है।
यूपी सरकार के विशेष प्रयास से एयरपोर्ट के लिए 317.885 एकड़ भूमि अधिग्रहण करके सौंपी जा चुकी है। करीब 503 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में है। एयरपोर्ट का निर्माण तीन फेज में होना है, जिसमें प्रथम फेज का काम चल रहा है। द्वितीय तथा तृतीय फेज का काम साथ साथ चलेगा। डीजीसीए से करीब एक माह में लाइसेंस मिलने के बाद एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन प्रारम्भ हो जायेगा।
एयरपोर्ट पर तीन विमानों का एयरबेस बनाया जा रहा है। उन्होने बताया कि एयरपोर्ट में 150 वाहनों की पार्किंग बनायी जा रही है। इसके साथ में यहां पर 50 किलोवाट का सोलर प्लांट भी लगाया जा रहा है। एयरपोर्ट का भवन अत्याधुनिक सुविधाओं सें युक्त होगा। इसमें लिफ्ट, एक्सीलेटर की सुविधा होगी। पूरा भवन वातानुकूलित होगा। जिसमें वातवरण के अनुसार गर्म व ठंडे करने की व्यवस्था होगी। पूरे एयरपोर्ट में हरियाली दिखाई देगी।
वर्जन
भगवान राम मंदिर का निर्माण तेज गति से चल रहा है। 2023 के आखिर में खरमास के कारण तिथि फाइनल नहीं हो पा रही है। अब जनवरी 2024 में भगवान राम को गर्भगृह में स्थापित कराया जाएगा। – सत्येंद दास, राम मंदिर के मुख्य पुजारी
एयरपोर्ट का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। रनवे का कार्य 30 व बिल्डिंग व टर्मिनल का काम अभी 20 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। डेडलाइन दिसंबर 2022 थी, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण प्रथम फेज का निर्माण दो से तीन महीने आगे जा रहा है। – लालजीत राम, एयरपोर्ट डायरेक्टर
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