हल्द्वानी: महिला डाक्टर के सिर पर डंडा मार खुद जहर खाने वाले फार्मासिस्ट की नहीं बच पायी जान
हल्द्वानी, अमृत विचार। आपसी कहासुनी के दौरान आगबबूला हुए फार्मासिस्ट ने महिला पशु चिकित्सक का सिर फोड़ दिया। इसके बाद उसने खुद भी जहर खा लिया। आधे घंटे चले ड्रामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में उपचार के लिए दोनों को बेस अस्पताल भेजा। जहां उपचार के बाद महिला चिकित्सक को छुट्टी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। आपसी कहासुनी के दौरान आगबबूला हुए फार्मासिस्ट ने महिला पशु चिकित्सक का सिर फोड़ दिया। इसके बाद उसने खुद भी जहर खा लिया।
आधे घंटे चले ड्रामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन में उपचार के लिए दोनों को बेस अस्पताल भेजा। जहां उपचार के बाद महिला चिकित्सक को छुट्टी दे दी गई और हालत नाजुक होने पर फार्मासिस्ट को एसटीएच रेफर कर दिया। एसटीएच में दोपहर फार्मासिस्ट ने दम तोड़ दिया। महिला चिकित्सक ने काठगोदाम थाने में फार्मासिस्ट के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
नीलकंठ कालोनी डहरिया निवासी विनीता टोलिया जंगपांगी गौलापार कुंवरपुर स्थित पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र में पशु चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं। इसी चिकित्सालय में आरके टेंट हाउस रोड कुसुमखेड़ा निवासी भुवन चंद्र पंत (52) फार्मासिस्ट के पद पर तैनात था। दोनों के बीच काफी वक्त से मनमुटाव चल रहा था।
बताया जाता है कि शनिवार सुबह डॉ.विनीता और फार्मासिस्ट भुवन अपने समय पर चिकित्सालय पहुंचे। सुबह तकरीबन साढ़े 10 बजे डॉ.विनीता अपने कार्यालय में बैठकर काम कर रही थीं, तभी वहां भुवन पहुंच गया। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। इससे नाराज भुवन ने डॉ.विनीता पर हमला कर सिर फोड़ दिया। बुरी तरह लहूलुहान डॉ.विनीता जान बचाकर भागी तो फार्मासिस्ट उन्हें सड़क से हाथ पकड़ कर फिर अस्पताल के कमरे में खींच लाया। जहां उन पर दोबारा हमला किया। मौके पर चीख-पुकार मच गई। इधर, घटना के तुरंत बाद भुवन ने जहर गटक लिया और चीखता हुआ चिकित्सालय से बाहर आ गया।
बारिश के बीच मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में काठगोदाम पुलिस मौके पहुंच गई, लेकिन तब तक भुवन की हालत बिगड़ चुकी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो भुवन बेसुध होकर जमीन पर गिर चुका था। आनन-फानन में पुलिस ने दोनों को बेस अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉ.विनीता के सिर पर आठ टांके आए और अस्पताल में उनके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।
भुवन की हालत नाजुक होने पर उसे एसटीएच भेज दिया गया। जहां इलाज के दौरान भुवन ने दम तोड़ दिया। इधर, टांके लगाने के बाद डॉ.विनीता काठगोदाम थाने पहुंची और भुवन के खिलाफ केस कराया। फार्मासिस्ट के घर में पत्नी रेखा, बच्चे प्रियंका, सौरभ और दीपक हैं। काठगोदाम थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक ने बताया कि सूचना मिलते पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन फार्मासिस्ट की जान नहीं बच सकी। डॉ.विनीता की तहरीर पर भुवन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उधर मृतक के पुत्र सौरभ की ओर से भी तहरीर सौंपी गयी है और मुकदमा दर्ज किया गया है।
दुर्गम में ट्रांसफर किए जाने से नाराज था फार्मासिस्ट
हल्द्वानी। बताया जाता है कि लंबे समय से गौलापार में नौकरी कर रहे फार्मासिस्ट भुवन चंद्र पांडे को किसी ने बताया था कि उसका दुर्गम में ट्रांसफर हो गया है, लेकिन ट्रांसफर लिस्ट जारी नहीं हुई थी। ट्रांसपर पर भरोसा करते हुए फार्मासिस्ट ने यह मान लिया कि इस ट्रांसफर के पीछे डॉ.विनीता का हाथ है और इसी के चलते शनिवार सुबह दोनों के बीच विवाद हुआ।
फार्मासिस्ट और डॉक्टर के बीच नहीं था सामंजस्य
हल्द्वानी। स्थानीय लोगों की मानें तो डॉ.विनीता और फार्मासिस्ट भुवन के बीच सामंजस्य नहीं था। दोनों के बीच अकसर कहासुनी होती रहती थी। फार्मासिस्ट के व्यवहार और कार्य से नाराज डॉ.विनीता कई बार लिखित तौर पर इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे चुकी थीं। शिकायतों के बारे में जब फार्मासिस्ट भुवन को पता चला तो दोनों के बीच रिश्ते और तल्ख हो गए थे।
उच्चाधिकारी संज्ञान लेते तो शायद न होती घटना
हल्द्वानी। इस बड़ी घटना में डॉ.विनीता की गलती तो नजर नहीं आती, लेकिन उच्चाधिकारियों की नजरअंदाजी जरूर दिख रही है। बताया गया कि डॉ.विनीता ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिख कर फार्मासिस्ट की शिकायत की थी, लेकिन अधिकारी डॉ.विनीता द्वारा की गई शिकायतों को नजरअंदाज करते रहे और इसका परिणाम शनिवार देखने को मिला।
