बरेली: लेवल तीन के डॉक्टरों को बना दिया एक का, सीएमओ को नोटिस जारी

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अमृत विचार, बरेली। सरकारी तंत्र कितनी भी पारदर्शिता के साथ कार्य करने का दावा करे, लेकिन हर बार अपने ही किए पर पछताना पड़ता है। हाल ही में डाक्टरों के तबादले से पहले शासन को भेजी गई सूचना में कई खामियां पकड़ी गई हैं। लेवल दो और तीन के चिकित्सकों को लेवल एक का बता …

अमृत विचार, बरेली। सरकारी तंत्र कितनी भी पारदर्शिता के साथ कार्य करने का दावा करे, लेकिन हर बार अपने ही किए पर पछताना पड़ता है। हाल ही में डाक्टरों के तबादले से पहले शासन को भेजी गई सूचना में कई खामियां पकड़ी गई हैं। लेवल दो और तीन के चिकित्सकों को लेवल एक का बता दिया गया। शासन को भेजी गलत सूचना के चलते कई डाक्टर तबादले से बच गए। सीएमओ आफिस से हुए इस खेल को शासन ने पकड़ लिया। मामले में सीएमओ को नोटिस जारी किया गया है। सीएमओ से दो दिन में पूरे प्रकरण में स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

प्रदेश में डाक्टरों का तबादले से पहले सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों से डॉक्टरों की सूचना मांगी गई थी। डाक्टरों के नाम, गृह जनपद के साथ ही जिले-मंडल में तैनाती का समय और लेवल पूछा गया था। सीएमओ कार्यालय ने जिले में तैनात डाक्टरों की सूचना तैयार की। मुख्य चिकित्साधिकारी ने यह सूचना शासन को भेज दी, जिसमें दो एसीएमओ समेत 17 डाक्टरों का तबादला दूसरे जनपदों में कर दिया गया, लेकिन इस सूची में कई ऐसे डाक्टरों का नाम नहीं है, जिनको जिले में तैनात हुए 10 साल से अधिक समय हो गया है। साथ ही शासन को भेजी रिपोर्ट में लेवल दो और तीन के कई डाक्टरों को लेवल एक का बता दिया गया। जब कई डाक्टरों ने इसकी शिकायत की तो सीएमओ आफिस में हुए इस खेल का खुलासा हुआ। अब निदेशक प्रशासन राजा गणपति ने इस प्रकरण में सीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी है कि स्पष्टीकरण नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।

कर्मचारियों के तबादलों में भी उठ रहे सवाल
डाक्टरों के तबादले के साथ ही कर्मचारियों के तबादले पर भी सवाल उठने लगे हैं। पटल परिवर्तन के नाम पर लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट समेत अन्य कर्मचारियों को 50-60 किमी दूर दूसरी सीएचसी पर ट्रांसफर किया जा रहा, अगर कोई आंवला सीएचसी पर जाने को तैयार है तो उसे फरीदपुर भेजा जाता है। नवाबगंज सीएचसी पर जो काम करने को तैयार है, उसे मुड़िया नबी बख्श ट्रांसफर कर दिया जाता है। परेशान कर्मचारी जब तबादला रुकवाने के लिए कार्यालय आते हैं तो सेटिंग का खेल शुरू हो जाता है। इसमें स्थापना पटल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस बाबत महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को पत्र भेजकर शिकायत की है। जांच कराने की मांग उठाई है।

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