रामनगर: संतान की नशे की लत से थे परेशान, उतार दिया मौत के घाट

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रामनगर, अमृत विचार। भूपाल हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्या के आरोप में भूपाल के पिता और छोटे भाई को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह भूपाल की शराब की लत और शराब पीकर रोजाना घर में क्लेश और मारपीट करना बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी …

रामनगर, अमृत विचार। भूपाल हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्या के आरोप में भूपाल के पिता और छोटे भाई को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह भूपाल की शराब की लत और शराब पीकर रोजाना घर में क्लेश और मारपीट करना बताया जा रहा है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया है।

कोतवाल अरूण कुमार सैनी ने बताया कि बीती चौदह जून को भूपाल सिंह बिष्ट उर्फ रोहित ठाकुर पुत्र मोहन सिंह बिष्ट निवासी सावल्दे पश्चिम को उसके परिजनों द्वारा मृत अवस्था में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में लाया गया था। जांच में सामने आया कि भूपाल की गला काटकर हत्या की गयी थी।

स्मैक की लग गई थी लत
पुलिस ने भूपाल के परिजनों की जांच की तो पिता मोहन सिंह, माता राधा देवी, छोटा बेटा दीपक, बेटी किरन और ताऊ आनंद सिह रहते हैं। छोटा भाई दीपक राधे हरि डिग्री कालेज में काशीपुर में संविदा अनुसेवक है तथा कॉलेज कैंपस में ही रहता है। भूपाल घर के बगल में ही परचून व सब्जी की दुकान चलाता था। करीब तीन साल से उसे स्मैक की लत लगी थी और परिजनों से हमेशा पैसे मांगता था। न मिलने पर गाली गलौज व मारपीट करता था। उसे नशा मुक्ति भी भेजा गया, लेकिन कुछ दिन ठीक रहकर फिर से नशा करने लग जाता था।

काट डाला था अंगूठा
कोतवाल ने बताया कि बीती 11 जून की शाम भूपाल ने घऱ में झगड़ा कर अपने ताऊ आनंद सिह से मारपीट कर उनका अंगूठा काट दिया था। पिता मोहन सिंह ने भूपाल के खिलाफ रिपोर्ट लिखायी थी। इसकी जानकारी मिलने पर भाई दीपक बारह जून को काशीपुर से सावल्दे पहुंचा था। इस दौरान भूपाल दीपक से भी मारपीट कर बाजार चला गया था।

चाकू से काटा गला, पुलिस बुला ली
कोतवाल ने बताया कि 13 जून को भी भूपाल ने घर में लड़ाई, झगड़ा करने के साथ मां, भाई, बहन, पिता व ताऊजी से मारपीट की थी। रोजाना के झगड़े से आजिज आए परिजनों ने भूपाल के गले पर सब्जी काटने वाले चाकू से दो प्रहार किये जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उसके बाद सबने मिलकर उसकी लाश घर के गेट से बाहर सड़क पर फेंक दी। फंसने के डर से दुनिया को दिखाने के लिये मोहन उसकी लाश को अस्पताल लेकर गये तथा सीएचसी रामनगर में मोर्चरी में रखवा दिया और दीपक को काशीपुर भेज दिया।

तहरीर न देने पर बढ़ा शक
कोतवाल ने बताया कि यह ब्लाइंड मर्डर था। प्रारंभिक जांच में भूपाल के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न देने पर शक की सुई उन पर ही घूमती नजर आई। जांच आगे बढ़ी तो नशे की लत और रोजाना का लड़ाई झगड़ा होना सामने आया। तफ्तीश में इस घटना में भूपाल के पिता मोहन सिंह, भाई दीपक, मां राधा देवी व किरन की संलिप्तता प्रकाश में आई, जिसके बाद आरोपी मोहन और दीपक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

 

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