रुद्रपुर: निकायों में अब नहीं चलेगा ‘प्रत्याशा’ का खेल, बजट की उपलब्धता पर ही करा सकेंगे विकास कार्य
अभिषेक आनंद, अमृत विचार, रुद्रपुर। जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने नगर निकाय प्रमुखों की मनमानी व चहेतों को लाभ पहुंचाने की कोशिशों पर बड़ा कदम उठाया है। अब नगर निकाय बजट की उपलब्धता पर ही विकास कार्य करा सकेंगे। यानी बजट की प्रत्याशा में काम कराने पर रोक लगा दी गई है। दरअसल, नगर निकायों …
अभिषेक आनंद, अमृत विचार, रुद्रपुर। जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने नगर निकाय प्रमुखों की मनमानी व चहेतों को लाभ पहुंचाने की कोशिशों पर बड़ा कदम उठाया है। अब नगर निकाय बजट की उपलब्धता पर ही विकास कार्य करा सकेंगे। यानी बजट की प्रत्याशा में काम कराने पर रोक लगा दी गई है।
दरअसल, नगर निकायों में प्रमुखों की मनमानी चलती है। विकास कार्यों में चहेतों को लाभ पहुंचाने के मकसद से निकाय प्रमुख ऐसे काम करा देते हैं। जिनकी उपयोगिता कम रहती है। यदि बजट हो तो निकायों को इसके लिये शासन से मंजूरी लेनी पड़ती है। ऐसे में मनमानी की छूट नहीं मिल पाती है।
नगर निकायों में इसका तोड़ बजट की ‘प्रत्याशा’ होता है। नगर निकाय प्रमुख मनमाफिक कामों को जरूरी बताते हुये बजट की ‘प्रत्याशा’ में जल्द करा देते हैं। इन कामों के लिए फाइलों को ज्यादा घुमाना नहीं पड़ता है। बजट न होने से काम तो करा लिया जाता है लेकिन निकाय के ऊपर पर देनदारी का बोझ बढ़ जाता है।
बजट की उपलब्धता होने पर पहले इस देनदारी को चुकता किया जाता है। बाद में दूसरे काम होते है। इसके चलते निकाय प्रमुखों का काम भी हो जाता है और चहेतों को लाभ भी मिल जाता है। चूंकि अब अगले साल निकायों के चुनाव होने हैं। ऐसे में बजट की ‘प्रत्याशा ‘ के काम ज्यादा होने के आसार थे।
निकाय प्रमुख अपने मनमाने काम करते और निकायों को देनदारी के बोझ तले दबा जाते। इसको भांपते हुए निकायों की इस मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्ती की है। जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने अब बजट की ‘प्रत्याशा’ में कामों पर रोक लगा दी है। जारी आदेशों में कहा गया है कि निकाय बजट की उपलब्धता के आधार पर ही विकास कार्य करायेंगे। कोई भी टेंडर बजट की ‘प्रत्याशा’ में नहीं निकाला जायेगा। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
शहरी विकास मंत्री तक पहुंचा मामला
रुद्रपुर। जिला प्रशासन के इस आदेश से निकाय प्रमुखों में खलबली मची हुई है। जिले में ज्यादातर भाजपा समर्थक निकाय प्रमुख हैं। जो नहीं भी हैं, वह इस मुद्दे पर भाजपा के साथ हैं। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर देहरादून तक की दौड़ लगाई है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे को शहरी विकास मंत्री के समक्ष रखा गया है। इसे निकायों की स्वायत्ता पर हमला बताया गया है। कहा गया है कि यदि चुनावी साल में निकाय प्रमुख अपने मनमाफिक काम नहीं करेंगे तो दोबारा जीतने की संभावनाएं धूमिल हो जायेंगी। फिलहाल, इस मामले को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हैं।
ऊधमसिंह नगर में 16 नगर निकाय
रुद्रपुर। जिले में 16 नगर निकाय हैं। इसमें से रुद्रपुर व काशीपुर नगर निगम हैं, जबकि खटीमा, सितारगंज, किच्छा, गदरपुर, बाजपुर, जसपुर को नगर पालिका का दर्जा है। नानकमत्ता, शक्तिगढ़, दिनेशपुर, गूलरभोज, केलाखेड़ा, सुल्तानपुर पट्टी, महुआ खेड़ा गंज व महुआडाबरा को नगर पंचायत का दर्जा हासिल है।
