बरेली: मेयर डॉ. उमेश गौतम ने किया शिविर का आरंभ, स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने बताए जनसंख्या नियंत्रण के फायदे
बरेली, अमृत विचार। विश्व जनसंख्या दिवस सोमवार को परिवार नियोजन परामर्श दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर जिला महिला चिकित्सालय में मेयर डा. उमेश गौतम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षका डा. अलका शर्मा, सीएमओ डा. बलबीर सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़े का आरंभ किया। इस दौरान मेयर ने कहा कि जनसंख्या के मामले में भारत …
बरेली, अमृत विचार। विश्व जनसंख्या दिवस सोमवार को परिवार नियोजन परामर्श दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर जिला महिला चिकित्सालय में मेयर डा. उमेश गौतम, मुख्य चिकित्सा अधीक्षका डा. अलका शर्मा, सीएमओ डा. बलबीर सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़े का आरंभ किया। इस दौरान मेयर ने कहा कि जनसंख्या के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है। अगर यही स्थिति रही तो परिवार नियोजन के लिए सख्ती अपनानी पड़ेगी।
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डा. आर एन गिरि ने बताया कि जनसंख्या बढ़ने से संसाधन कम होते जा रहे हैं, जिस कारण परिवार टूट रहे हैं और समस्याएं बढ़ रही हैं। लोगों को परिवार नियोजन के साधन अपनाने चाहिए। यह सेवाएं सरकारी अस्पताल में निशुल्क उपलब्ध हैं।
डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि जनसंख्या को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार द्वारा स्थाई और अस्थाई साधन उपलब्ध कराए गए हैं। लोग अपनी सुविधा अनुसार किसी भी परिवार नियोजन के साधन का प्रयोग करके परिवार को सीमित रख सकते हैं। एसीएमओ डा. अशोक कुमार, डीसीपीएम जितेंद्र कुमार, अपर शोध अधिकारी पीएस आनंद, पीएसआई संस्था के मैनेजर सूरितेष डागुर, जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ अरुण पांडेय, जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक अकबर हुसैन मौजूद रहे।
परिवार सेवा संस्था द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों की काउंसलिंग की गई। काउंसलर पायल जौहरी ने लोगों को बताया कि एक से दूसरे बच्चे के बीच न्यूनतम करीब 3 साल का अंतर होना चाहिए। ताकि मां का शरीर पूरी तरह से तैयार हो जाए और बच्चा भी स्वस्थ पैदा हो। पुरुष को नसबंदी कराने 3000 तो महिला को 2000 रुपये दिए जाते हैं।
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