लखनऊ : ‘दोस्त’ की चेतावनी के बाद डीसीपी पूर्वी ने दी हिदायत…क्या है पूरा मामला

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राजधानी में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देख डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह जनता को कर रहीं जागरुक हर दूसरे दिन साइबर ठग लोगों को बना रहे ठगी का शिकार लखनऊ। नमस्कार सर, मैं बिजली विभाग से बात कर रहा हूं। आपने बिजली बिल जमा नहीं किया है, उसे जल्द जमा करें नहीं तो कनेक्शन …

  • राजधानी में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देख डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह जनता को कर रहीं जागरुक
  • हर दूसरे दिन साइबर ठग लोगों को बना रहे ठगी का शिकार

लखनऊ। नमस्कार सर, मैं बिजली विभाग से बात कर रहा हूं। आपने बिजली बिल जमा नहीं किया है, उसे जल्द जमा करें नहीं तो कनेक्शन काट दिया जाएगा..जी हां, इन दिनों साइबर ठग इस तरह से कॉल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और पुलिस के मुसीबत बनें हुए हैं।

राजधानी में हर-दूसरे दिन साइबर ठग बिजली बिल अपडेट कराने, केवाईसी फार्म भरने, लिंक भेज कर या फिर रोजगार देने के बहाने लोगों की जमा पूंजी को हड़प रहे हैं। इनसे बचने लिए सेंट्रर गर्वमेंट की ओर से चलाए जा रहे साइबर क्राइम पोर्टल का ट्विटर हैंडल ‘साइबर दोस्त’ लोगों को जालसाजी से बचने के लिए चेतावनी दे रहा हैं। वहीं राजधानी में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देख डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह लोगों को हिदायत दे रहीं हैं।

बता दें कि वैश्विक महामारी के बाद से साइबर ठग लोगों की मजबूरियों का फायदा उठाने लगे। रोजगार समेत अन्य प्रलोभन देकर उपभोक्ताओं के मोबाइल और ई-मेल पर मैसेज भेजकर उन्हें ठगी का शिकार बनाने लगे। इसके मद्देनजर साइबर क्राइम पोर्टल का ट्विटर हैंडल ‘साइबर दोस्त’ हर पल लोगों को जागरुक करने लगा।

बता दें कि ऑडियो क्लिप के जरिए लोगों को निर्देश दिए जाने लगे। जिसमें ई-मेल स्कैम और फिशिंग, पहचान की चोरी,अश्लील सामग्री, ऑनलाइन घोटाला या फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को जागरुक किया जाने लगा। इसके अलावा ठगी का शिकार हुए लोगों की मदद के लिए हेल्पनंबर भी दिया गया ताकि उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकें। इसके बावजूद साइबर ठगी की घटनाएं कम नहीं हुई।

एडीसीपी नार्थ की हिदायत

बता दें कि राजधानी में साइबर ठगों ने नया पैंतरा बनाया है। वह उपभोक्ताओं को कॉल कर स्वंय को बिजली विभाग कर्मी बताते हैं। इसके बाद बिजली बिल अपडेट कराने का झांसा देते हुए खाते से मुश्त रकम निकला लेते हैं। इस तरह की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। यह सब देखकर डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने उपभोक्ताओं को हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे हम टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ते जा रहे हैं।

वैसे-वैसे साइबर क्राइम और हैंकिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि साइबर ठग व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ट्रेस करने पर पता चला कि ये नम्बर पश्चिमी बंगाल के जामताड़ा बारवा का है। दिए हुए नम्बर अलग-अलग होते हैं। जिनसे वह रुपये ट्रांसफर करने की बात कहते हैं। ट्रांसजेक्शन होने पर जालसाज नंबर बंद कर लेते हैं। जिसके लिए उपभोक्ताओं को सर्तक रहने की आवश्यकता है।

इस तरह करते हैं ठगी

एसीपी साइबर सेल दिलीप सिंह ने बताया कि जालसाज कम ब्याज का लोन दिलवाने के बहाने अथवा खाते से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर ठगी करते हैं। इसके अलावा शादी के नाम पर, बोनस विदड्रॉल, फ्री मोबाइल डाटा, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑफर, लकी ड्रा का प्रभोलन देकर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। फिर उनकी गाढ़ी कमाई हजम कर जाते हैं।

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