अयोध्या: तहसीलदार ने निरस्त किया देवी-देवताओं के नाम का दाखिल-खारिज, जानें पूरा मामला
अयोध्या/सोहावल। देवी-देवताओं के नाम दर्ज भूमि को बेचे जाने के बहुचर्चित मामले में तहसीलदार ने स्वयं के द्वारा किया गया दाखिल खारिज का आदेश निरस्त कर दिया है। तहसीलदार ने दाखिल खारिज तब निरस्त किया जब मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। मामला सोहावल तहसील के राजस्व गांव लहरापुर का है, जहां …
अयोध्या/सोहावल। देवी-देवताओं के नाम दर्ज भूमि को बेचे जाने के बहुचर्चित मामले में तहसीलदार ने स्वयं के द्वारा किया गया दाखिल खारिज का आदेश निरस्त कर दिया है। तहसीलदार ने दाखिल खारिज तब निरस्त किया जब मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद जांच शुरू हुई।
मामला सोहावल तहसील के राजस्व गांव लहरापुर का है, जहां देवी-देवताओं के नाम दर्ज खतौनी की भूमि दो चक्रों में सरबराहकार द्वारा दो बीघा भूमि बेचे जाने से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री और जिला अधिकारी से इस मामले की शिकायत हिंदू नेता मिंटू सिंह ने की थी।
आरोप था कि भगवान नरबदेश्वर शंकर, पार्वती व गणेश महाराज के नाम के खाते की भूमि सरबराहकार सरजू प्रसाद के द्वारा दो बार बेच दी गई। इस मामले में उपनिबंधक व तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध रही। मीडिया में मामला उछला तो जांच के आदेश हुए। हालांकि जांच तहसीलदार को ही सौंप दी गई तो सवाल उठने लगे।
इसी बीच खुद को फंसता देख तहसीलदार पी के गुप्त ने खाते के दूसरे सरबराहकार अरविंद कुमार पुत्र इंद्र बहादुर से लिखित शिकायत ली और अपने द्वारा किए गए दाखिल खारिज को निरस्त करने का आदेश सुना दिया, जिसकी पुष्टि एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भी की है। एसडीएम का कहना है कि दाखिल खारिज निरस्त हो जाने के बाद भूमि विक्रय स्वत: समाप्त माना जायेगा।
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