लखनऊ : आत्मसमर्पण से पहले पुलिस मुठभेड़ में गोरख ठाकुर हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार

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लखनऊ । बिहार के हिस्ट्रीशीटर गोरख ठाकुर हत्याकांड के 25 हजार के इनामिया बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में आरोपी के बांए पैर में गोली लगी है। पुलिस टीम ने आरोपी के पास से 315-बोर का एक तमंचा, चार जिंदा कारतूस समेत एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी …

लखनऊ । बिहार के हिस्ट्रीशीटर गोरख ठाकुर हत्याकांड के 25 हजार के इनामिया बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में आरोपी के बांए पैर में गोली लगी है। पुलिस टीम ने आरोपी के पास से 315-बोर का एक तमंचा, चार जिंदा कारतूस समेत एक मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी गोरख ठाकुर के दुश्मन फिरदौस से उसकी हत्या के लिए हाथ मिलाया था। पकड़े गए आरोपी की पहचान कमलेश कुमार जायसवाल उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है।

दरअसल, गोरख ठाकुर की हत्या के बाद से ही लखनऊ पुलिस की टीम बिहार में डेरा डाला है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस दबिश दे रही है। बावजूद आरोपी पुलिस पकड़ से दूर हैं। सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर दिलकुशा पिपराघाट के पास पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान आरोपी को टीम ने रूकने का इशारा किया तो वह फौरन पुलिस पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी। जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

क्या है पूरा मामला

बीते 25 जून को कैंट थाना क्षेत्र के नीलमथा में रेलवे ठेकेदार और बिहार के गैंगस्टर वीरेंद्र उर्फ गोरख ठाकुर की तीन शूटरों ने ताबड़तोड़ गोलिया बरसा कर हत्या कर दी थी। इस दौरान हत्यारों ने रेलवे ठेकेदार की पत्नी और बच्चों को बंधक भी बनाया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि रेलवे ठेकेदार की हत्या की साजिश करीब दो महीने पहले रची गई थी। इस हत्याकांड में बिट्टू जायसवाल और फिरौदस को साजिशकर्ता माना गया था। इसके बाद पुलिस ने बिहार के मंजर इकबाल, कासिफ कसान व सरफराज अहमद को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद आरोपी मंजर इकबाल को जेल भेजा गया था, जब कि अन्य को छोड़ दिया गया था।

यूपी और बिहार पुलिस में आंख मिचौली का खेल

गोरख ठाकुर की हत्या करने वाले शूटरों को पकड़ने के लिए यूपी और बिहार पुलिस के बीच आंख मिचौली का खेल चल रहा है। वारदात के बाद से लखनऊ पुलिस बिहार में नरकटियागंज से सिवान तक छान रही है। मगर, पुलिस के पहुंचने की भनक बदमाशों को पहले ही लग जा रही है। इसकी वजह से बिहार पुलिस की नजरों से बचकर लखनऊ पुलिस अपना सर्च ऑपरेशन चला रही है।

आत्मसमर्पण करने की फिराक में था आरोपी

पुलिस की माने तो आरोपी लखनऊ में आत्मसमर्पण करने की फिराक में किसी से मिलने के लिए यहां पहुंचा था। आरोपी किसी से मिलकर अपने मकसद में कामयाह होता कि उससे पहले ही वह पुलिस मुठभेड़ का शिकार हो गया। मुख्य आरोपी फिरदौस के पिता की गिरफ्तारी के बाद से आरोपियों में दहशत है। तभी से सभी आरोपी आत्मसमर्पण करने की फिराक में घूम रहे हैं।

इस सम्बन्ध में डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी लखनऊ में आया हुआ है। जो आत्मसमर्पण करने के लिए किसी से मिलने के लिए तय समय पर जाने वाला है। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को रूकने के लिए इशारा किया तो आरोपी पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। फरार आरोपियों के विषय में पूछताछ की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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