अयोध्या: बरसात के लिए पारंपरिक टोटकों का सहारा ले रहे किसान, बच्चो ने भगवान से लगायी बारिश की गुहार
अयोध्या। काल कलौटी उज्जर धोती मेघा भाई पानी दे बोल… बोलकर बच्चों की टोली सभी के घर जाकर मेढक से पानी मांग रही है। और प्रत्येक घर के लोगों द्वारा बच्चों के ऊपर पानी फेंका जाता है और वह जमीन पर कीचड़ में लोटते हैं। बीकापुर ब्लॉक क्षेत्र के रामनगर गांव के बच्चों ने सोमवार …
अयोध्या। काल कलौटी उज्जर धोती मेघा भाई पानी दे बोल… बोलकर बच्चों की टोली सभी के घर जाकर मेढक से पानी मांग रही है। और प्रत्येक घर के लोगों द्वारा बच्चों के ऊपर पानी फेंका जाता है और वह जमीन पर कीचड़ में लोटते हैं।
बीकापुर ब्लॉक क्षेत्र के रामनगर गांव के बच्चों ने सोमवार को पूरे गांव में लोटकर इंद्रदेवता से पानी मांगा। बच्चे जोर-जोर इंद्रदेव को पुकारते रहे और जमीन पर डाले गए पानी में लोटते-पोटते रहे। इनके साथ बड़े भी उत्साहित रहे। सुबह से शुरू हुआ काल-कलौती का सिलसिला घंटों तक जारी रहा।
बारिश की धूमिल होती उम्मीदें और आसमान पर काले बादलों की आंख-मिचौली अब तकलीफ देने लगी है। मौसम विभाग की ओर से की जा रही भविष्यवाणी भी नाकाम साबित होने लगी है। ऐसे में गांवों में यह टोटके भी लोगों ने अजमाने शुरू कर दिये हैं। उमस भरी गर्मी से बेहाल बच्चे सोमवार को भगवान इंद्रदेव का कुछ इस तरह से मनुहार करते नजर आए।
माना जाता है कि बच्चों के इस तरह मिट्टी में लोटने पर भगवान को दया आती है और इसके बाद बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीण स्तर पर मान्यताओं के अनुसार जल के देवता इंद्र को मनाने के लिए महिलाओं द्वारा जहां अनेक टोटके को अजमाया जा रहा है, वहीं मेढक का रूप धारण कर गांव के बच्चों द्वारा इंद्र देवता को रिझाने के लिए काल कलौटी उज्जर धोती कहकर मेढक से पानी मांगने के टोटके आजमाए जा रहे।
जिससे दरवाजे बच्चे कीचड़ में लोटते हैं वह जाते वक्त बच्चों को घर से आटा व मीठा देता है। यह प्रथा अब कुछ ही गांव में देखने को मिलती है। इसी प्रथा को निभाते हुए ग्राम पंचायत रामनगर गांव के बच्चों ने पूरे गांव में लोटकर इंद्रदेवता से पानी मांगा। वहीं मौसम में बदलाव से सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए किसान अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा फसलों को सींचने में खर्च कर रहे है।
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