मुरादाबाद : दूध के टैंकर में मिलावटखोरी की सूचना पर छापेमारी, पुलिस ने एक को दबोचा
मुरादाबाद,अमृत विचार। मूंढापांडे थाना क्षेत्र में नामचीन कंपनी के आयातित दूध में मिलावटखोरी की सूचना पर मंगलवार को सीओ हाइवे देश दीपक सिंह ने गोपनीय तरीके से छापेमारी करते हुए एक संदिग्ध को दबोच लिया। जबकि तीन संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। हत्थे चढ़े युवक ने दूध में मिलावटखोरी की बात कबूली। …
मुरादाबाद,अमृत विचार। मूंढापांडे थाना क्षेत्र में नामचीन कंपनी के आयातित दूध में मिलावटखोरी की सूचना पर मंगलवार को सीओ हाइवे देश दीपक सिंह ने गोपनीय तरीके से छापेमारी करते हुए एक संदिग्ध को दबोच लिया। जबकि तीन संदिग्ध पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। हत्थे चढ़े युवक ने दूध में मिलावटखोरी की बात कबूली। मामले की तह तक जाने के उद्देश्य से खाद् विभाग ने दूध का सैंपल लिया। दूध कंपनी मालिक की रहस्यमयी खामोशी के कारण पुलिस को अपने हाथ पीछे खींचने पड़े।
सीओ हाईवे देश दीपक सिंह के मुताबिक मुखबीर से सूचना मिली कि मूंढापांडे थाना क्षेत्र में ग्राम नियामतपुर इटोरिया के समीप दिल्ली हाईवे पर एक चारदीवारी के भीतर दूध में मिलावट का खेल लंबे वक्त से चल रहा है। शाहजहांपुर से प्रतिदिन दूध का एक टैंकर अमरोहा के गजरौला जाता है। गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही मूंढापांडे के नियामतपुर इटोरिया गांव में टैंकर रोक कर दूध में मिलावट का खेल किया जाता है। मंगलवार को तड़के पुलिस ने संदिग्ध ठिकाने की निगरानी शुरू की। कुछ ही देर में दूध से भरा एक टैंकर वहां पहुंचा। गजरौला जाने की बजाय दूध टैंकर चारदीवारी के भीतर खड़ा हो गया। कुछ देर बाद पुलिस ने चारदीवारी में छापेमारी की।
अफरातफरी के बीच टैंकर चालक मौके से पकड़ा गया। तीन संदिग्ध चारदीवारी फांद कर जंगल की ओर फरार हो गए। पूछताछ में पता चला कि गजरौला में कार्यरत एक नामचीन फर्म का दूध प्रतिदिन शाहजहांपुर से टैंकर में भर कर जाता है। टैंकर चालक प्रतिदिन करीब एक हजार लीटर दूध मूंढापांडे में दूध माफियाओं को बेच देता था। बेचे गए दूध के बदले वह सिंथेटिक दूध टैंकर में डाल देता था। हालांकि मौके पर पुलिस को सिंथेटिक दूध से संबंधित कोई साक्ष्य नहीं मिला। दूध निकालने के बर्तन आदि बरामद हुए। घटना की जानकारी गजरौला स्थित दूध फर्म को दी गई। सीओ हाईवे के मुताबिक कानूनी कार्रवाई को लेकर फर्म मालिक ने तहरीर नहीं दी।
मूंढापांडे पुलिस को नहीं लगी भनक
सीओ द्वारा संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की भनक मूंढापांडे थाने को भी नहीं लग पाई। सूत्र बताते हैं कि मुखबिर ने पूरे खेल में स्थानीय पुलिस की संलिप्तता बताई थी। दूध में मिलावट के खेल के बदले स्थानीय पुलिस द्वारा प्रति माह माफियाओं से 50 हजार रुपये वसूले जाने की सूचना अफसरों को मिली थी। यही वजह रही कि क्षेत्राधिकारी ने छापेमारी के बाद टैंकर पकड़े जाने की जानकारी मूंढापांडे पुलिस को साझा की। हालांकि सीओ ने पुलिस पर लग रहे धनउगाही के आरोप को निराधार बताया।
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