मथुरा: यहां सत्र पूरा करने से पहले ही हाथ में होती है नौकरी

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मथुरा, अमृत विचार। जीएलए विश्वविद्यालय अब प्रदेश के बाहर भी अपनी ख्याति बिखेर रहा है। यहां शिक्षा ग्रहण करने लगभग 76 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी मिल रही है। पूरे देश की पांच सौ से अधिक कंपनियां सबसे पहले जीएलए विवि में ही प्लेसमेंट करके यहां के विद्यार्थियों को …

मथुरा, अमृत विचार। जीएलए विश्वविद्यालय अब प्रदेश के बाहर भी अपनी ख्याति बिखेर रहा है। यहां शिक्षा ग्रहण करने लगभग 76 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से नौकरी मिल रही है। पूरे देश की पांच सौ से अधिक कंपनियां सबसे पहले जीएलए विवि में ही प्लेसमेंट करके यहां के विद्यार्थियों को नौकरी के लिए चुनती हैं। यही कारण है कि जीएलए के अधिकांशत: विद्यार्थियों का सत्र पूरा होने से पहले ही उनके पास रोजगार होता है। आज देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के उच्च पदों पर जीएलए के विद्यार्थी सफलता पूर्वक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जीएलए विवि के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने बताया कि शैक्षिक तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में नवीनतम शैक्षिक अनुसंधान व तकनीकी प्रशिक्षण में एकेडमी श्रेष्ठता के नये मापदंड स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावना है। इन सम्भावनाओं को सच्चाई में बदलकर युवा स्वयं सफलता के शिखर पर पहुंच सकता है। साथ ही देश-समाज और मानवता के लिए भी उदाहरण पेश कर सकता है। विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उचित मार्गदर्शन, सही अवसर और सच्ची लगन की आवश्यकता होती है। यह सब जीएलए विवि विद्यार्थियों को उपलब्ध करा रहा है।

विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को आधुनिकतम तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सही अवसर उपलब्ध कराने में लगा हुआ है। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थान में छात्रों को पसंदीदा क्षेत्र का आधुनिकतम शैक्षिक-तकनीकी ज्ञान तथा अनुसंधान उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है। ताकि विद्यार्थियों के मानसिक व रचनात्मक स्तर को विकसित किया जा सके।

जबकि जीएलए विवि में यह कार्य काफी पहले से कर रहा है। यही कारण है कि देश की बड़ी बड़ी कंपनियों में जीएलए से पढ़े हुए विद्यार्थी महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहें हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय को सीखने-समझने के लिए अलग-अलग तरीके होते हैं। जीएलए विश्वविद्यालय ने सभी विषयों व पाठयक्रमों में शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए इन तरीकों को अपनाया है। उन्होंने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय का मूलमंत्र परफैक्ट टीचिंग के साथ-साथ परफैक्ट लर्निंग है।

जीएलए विश्वविद्यालय में 12 हजार से अधिक छात्र इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी, इन्स्टीटयूट ऑफ बिजनेस मैनेजमैन्ट, इन्स्टीटयूट ऑफ फार्मास्यूटिकल रिसर्च व इन्स्टीटयूट ऑफ एप्लाईड साईन्सेज एण्ड हयूमिनिटीज, इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (विधि संस्थान) में उच्च-स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जीएलए विश्वविद्यालय में इन्जीनियरिंग की सभी महत्वपूर्ण शाखाओं में अन्डर-ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट व डॉक्टर कोर्सेज भी उपलब्ध हैं। संस्थान 33000 से अधिक एल्यूमनाई-बेस’(पूर्व छात्र-छात्राओं) पर गर्व करता है।

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