लखनऊ : खत्म हुई एक प्रेमी कहानी, जैसन चिपांजी को दी गई अंमित विदाई
लखनऊ। राजधानी के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के जैसन चिंपाजी की 35 साल की आयु में मौत हो गई। बता दें कि मंगलवार रात साढ़े आठ बजे जैसन की हालत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को जैसन चिंपाजी को प्राणी उद्यान के निदेशक वीके मिश्रा की …
लखनऊ। राजधानी के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान के जैसन चिंपाजी की 35 साल की आयु में मौत हो गई। बता दें कि मंगलवार रात साढ़े आठ बजे जैसन की हालत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बुधवार को जैसन चिंपाजी को प्राणी उद्यान के निदेशक वीके मिश्रा की मौजूदगी में अंतिम विदाई दी गई।
आपको बताते चलें कि साल 1992 में जैसन का जन्म स्वीडन में हुआ था। जबकि उसकी साथी निकिता की पैदाइश भी इसी साल स्वीड़न में हुई थी। इसके बाद से दोनों एक साथ रहने लगे। कुछ सालों बाद स्वीडन से निकिता और जैसन को मैसूर के चिडियाघर में लाया गया। इसके बाद लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में चिंपाजी लाने के लिए यहां से मादा जिराफ खुशी को मैसूर भेजा गया था। खुशी के बदलते मैसूर से निकिता और जैसन को राजधानी लाया गया था।
बता दें कि जैसन और निकिता को एक ही बाड़ में रहे लेकिन वह कभी करीब न आ सके। लिहाजा, चिपांजी का कुनबा आगे बढ़ नहीं सका और प्राणी उद्यान की उम्मीदें पानी में फिर गईं। बता दें कि साल 2012 में प्राणी उद्यान की ओर से निकिता के लिए दूसरे साथ की तलाश शुरू की गई। इस दौरान कानपुर जनपद के चिड़ियाघर से छज्जू चिपांजी को राजधानी लाने की तैयारियां शुरु हुई लेकिन अंतिम समय पर इस पर रोक लगा दी गई।
साल 2014 में जैसन को निकिता से अलग करने का फरमान सुनाया गया। बताते चलें कि साल 2015 निकिता को कानपुर भेजने पर सांसद मेनका गांधी ने आपत्ति जताई थी। जिसके बाद जेसन और निकिता का रिश्ता टूटने से बच गया था। इसके बाद नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान ने जैसने के नाम से फेसबुक पर एक पेज तैयार किया। जिस पर हजारों फ्लोवर्स जुड़ने लगे। इसी बीच जैसेन एक पेड़ की शाख टूटने पर अपने बाड़े से बाहर निकल आया था। इसके बाद प्राणी उद्यान के कर्मचारियों ने जैसन को पकड़ लिया था।
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