श्रीलंका में भारतीय दूतावास के अफसर पर हमला, सरकार ने कहा हालात पर रखें नजर
कोलंबो। श्रीलंका में मंगलवार रात एक भारतीय दूतावास के अफसर पर हमला हुआ। वीजा सेंटर के डायरेक्टर विवेक वर्मा को निशाना बनाया गया। उन्हें हल्की चोटें आई हैं। दूसरी तरफ, कोलंबो स्थित इंडियन हाईकमीशन ने साफ कर दिया है कि वो श्रीलंकाई लोगों और प्रशासन की मदद कर रहा है। हाईकमीशन ने एक बयान में …
कोलंबो। श्रीलंका में मंगलवार रात एक भारतीय दूतावास के अफसर पर हमला हुआ। वीजा सेंटर के डायरेक्टर विवेक वर्मा को निशाना बनाया गया। उन्हें हल्की चोटें आई हैं। दूसरी तरफ, कोलंबो स्थित इंडियन हाईकमीशन ने साफ कर दिया है कि वो श्रीलंकाई लोगों और प्रशासन की मदद कर रहा है। हाईकमीशन ने एक बयान में कहा- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत श्रीलंकाई नेताओं पर दबाव डाल रहा है। यह बेबुनियाद आरोप हैं और हम इनका खंडन करते हैं।
उच्चायोग ने कहा कि उसके अधिकारियों ने सुबह “भारतीय नागरिक और भारतीय वीजा केंद्र के निदेशक विवेक वर्मा से मुलाकात की, जो कल रात कोलंबो के पास एक अकारण हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।” उच्चायोग ने कहा कि यह मामला श्रीलंकाई अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है।
भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा- उन पर हमला किया गया है। हमने श्रीलंकाई अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दे दी है। यहां के लोगों के हमारे रिश्ते हमेशा दोस्ताना रहे हैं। फिलहाल, श्रीलंका के हालात को देखते हुए भारतीयों को सावधान रहने की जरूरत है। एक इमरजेंसी नंबर जारी किया गया है। अगर आप मुश्किल हैं तो इस पर कॉल करके मदद हासिल कर सकते हैं।
Officials of @IndiainSL met in the morning Mr. Vivek Varma, an Indian national and Director of Indian Visa Center, who sustained grievous injuries in an unprovoked assault last night near #Colombo. Matter brought to attention of authorities in #SriLanka. (1/ pic.twitter.com/tUc0SOq0Gd
— India in Sri Lanka (@IndiainSL) July 19, 2022
गौरतलब है कि श्रीलंका राजनीतिक अस्थिरता के दौरा से गुजर रहा है। के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे जनता के भारी विरोध के देश छोड़कर भाग गए थे और उसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा की थी। वह फिलहाल सिंगापुर में हैं। अब रानिल विक्रमसिंघे राष्ट्रपति पद का चुनाव जीत चुके हैं।
कार्यवाहक के तौर पर राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद रानिल विक्रमसिंघे ने 20 जुलाई को देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी. बता दें कि श्रीलंका सबसे बड़े आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। देश में ईंधन समेत जरूरी वस्तुओं की भारी कमी है।
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