लखनऊ: किसान लालाराम की हत्या मामले में आरोपियों को संरक्षण दे रही पुलिस, जानें पूरा मामला
लखनऊ। अवैध खनन के विवाद को लेकर बंथरा में किसान लालाराम रावत की हत्या के मामले में अबतक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मामले को लगभग दो सप्ताह का समय होने वाला है, पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है। वहीं मृतक के परिजनों को न्याय के लिए …
लखनऊ। अवैध खनन के विवाद को लेकर बंथरा में किसान लालाराम रावत की हत्या के मामले में अबतक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मामले को लगभग दो सप्ताह का समय होने वाला है, पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है। वहीं मृतक के परिजनों को न्याय के लिए दरबदर भटकना पड़ रहा है।
नामजद प्राथमिकी के बाद भी नहीं गिरफ्तारी
ज्ञात हो कि गत 8 जुलाई को बंथरा कोतवाली क्षेत्र के दरियापुर गांव निवासी लालाराम रावत (55) का लौनहां गांव में शव बरामद हुआ था। शव से करीब 200 फीट की दूरी पर लालाराम का शव एक गढ्ढे में पलटा हुआ मिला था। घटना के बाद लालाराम के बेटे अधिवक्ता विशंभर रावत ने 9 जुलाई को गांव के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और उसके बेटे रितेश व साथियो हरीश और बृजभान के खिलाफ नामजद प्राथमिकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पर नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अबतक पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण देने में लगी हुई है।
अवैध खनन का लंबा खेल
मामले को लेकर मृतक के बेटे अधिवक्ता विशंभर ने बताया कि पूर्व ब्लॉक प्रमुख और उनके बेटे द्वारा गांव में अवैध रूप से मिट्टी का खनन कराया जाता है। आरोपी उनके लौनहां गांव स्थित खेत के समीप भी जबरन खनन कर रहे थे। खनन के कारण बड़ा गढ्ढा हो गया था, जिससे खेत में आने-जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया था।
लालाराम ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने धमकी दी थी। इसके बाद विशंभर की याचिका पर कोर्ट ने खनन रोकने का आदेश दिया था। कुछ दिन खनन बंद रहा, पर फिर बाद में आरोपियों ने खनन शुरू कर दिया। बदला लेने की नीयत से ही उसके पिता की हत्या की गई। विशंभर ने खनन के खेल में पुलिस की भी मिलीभगत का अंदेशा जताया है।
मामले में मृतक के पुत्र की ओर से चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले की जांच उच्चअधिकारियों के स्तर से की जा रही है। फिलहाल अभी तक मामले में किसी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है…अशोक कुमार सोनकर, कोतवाली प्रभारी, बंथरा।
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