बरेली: गार्गी पटेल बनीं ऑल इंडिया टॉपर, CBSE 10वीं में पूरे 600 नंबर लाकर किया जिले का नाम रोशन
बरेली, अमृत विचार। बरेली की बेटी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में सत प्रतिशत नम्बर लाकर बरेली का नाम पुरे देश मे रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से एसआर इंटरनेशनल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। एसआर इंटरनेशनल स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर रूमा गोयल ने बच्ची …
बरेली, अमृत विचार। बरेली की बेटी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में सत प्रतिशत नम्बर लाकर बरेली का नाम पुरे देश मे रोशन कर दिया है। उनकी इस उपलब्धि से एसआर इंटरनेशनल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। एसआर इंटरनेशनल स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर रूमा गोयल ने बच्ची की इस प्रतिभा पर फ़क़्र महसूस कर मुँह मीठा करवाकर जश्न मनाया है।

गार्गी की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार के साथ स्कूल की शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। परिजनों व शिक्षिकाओं के बताए मार्ग पर चलकर गार्गी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 वीं बोर्ड परीक्षा में 600 में से 600 अंक पाकर बरेली का गौरव बढ़ाया है। जैसे ही उनके परिचितों को पता चला बधाई देने वालों का ताता लग गया।

शहर के गोल्डन ग्रीन पार्क में रहने वाले ह्रदेश कुमार चड़ीगढ़ में सन फार्मा कंपनी में कैमिकल इंजीनियर हैं। उनकी पत्नी चित्रा गंगवार बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका के पद भूता ब्लाक के नवाजिश अली में तैनात हैं। उनकी बेटी गार्गी पटेल एसआर इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दस की छात्रा हैं। आज केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में गार्गी पटेल ने शत प्रतिशत अंक लाकर अपने माता पिता को गर्वीत कर दिया।
उसकी इस उपलब्धि के बारे में बताते हुए मां चित्रा गंगवार ने बताया कि बेटी के इस योगदान से उन्हें काफी गर्व महसूस हो रहा है। उनकी बेटी पढ़ाई को लेकर कभी भी तनाव में नहीं रहती थी। जब मन होता था तब वह पढ़ती थी। उसके इस योगदान में स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर रुमा गोयल समेत स्कूल कि शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षिकाओं के बताए मार्ग दर्शन और सेल्फ स्टडी से गार्गी ने आज यह मुकाम हासिल किया है।
तनाव न लेकर कि पढ़ाई, अंग्रेजी में था डर
गार्गी ने बताया कि वह कभी पढ़ाई को लेकर तनाव में नहीं रहती थीं। जब मर्जी होती थी तब पढ़ने लगती थीं। उन्होंने ओर बच्चों की तरह कभी पढ़ाई के टाइम टेविल नहीं बनाया था। सभी विषय में उसे अच्छी पकड़ थी। लेकिन उसे इग्लिश में डर रहता था। लेकिन टीचर की मदद से इस विषय में भी सत प्रतिशत नंबर पा लिए। गार्गी ने उन बच्चों को संदेश दिया है कि पढ़ाई में पहला रिजल्ट आप का कैरियर नहीं बनाता। सब कुछ पहला रिजल्ट नहीं होता। अगर इस बार आप का प्रदर्शन खराब है तो आगे बेहतर हो सकता है।
सोशल मीडिया का लिया सहारा
यह दौर इस समय सोशल मीडिया का है। गार्गी ने बताया अगर बच्चे इसका सही उपयोग करें तो उन्हें वाट्सअप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म से काफी जानकारी मिल सकती है। कोरोना महामारी में ऑनलाइन पढ़ाई ऑफ लाइन से इतना बेहतर नहीं है। लेकिन फिर भी कोरोना में यह काफी मददगार रहा।
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