लखनऊ : फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स KGMU में कर सकेंगे इंटर्नशिप, इन शर्तों को करना होगा पूरा
लखनऊ । विदेश से एमबीबीएस किए हुए छात्रों को केजीएमयू में इंटर्नशिप कराने को लेकर कल हुई कार्यपरिषद की बैठक में चर्चा हुई। फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को केजीएमयू न सिर्फ इंटर्नशिप कराएगा, बल्कि उनको स्टाइपेंड यानी की इंटर्नशिप करने का पैसा भी देगा। इस पूरे मामले पर केजीएमयू प्रशासन की तरफ से कार्य किया जा …
लखनऊ । विदेश से एमबीबीएस किए हुए छात्रों को केजीएमयू में इंटर्नशिप कराने को लेकर कल हुई कार्यपरिषद की बैठक में चर्चा हुई। फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को केजीएमयू न सिर्फ इंटर्नशिप कराएगा, बल्कि उनको स्टाइपेंड यानी की इंटर्नशिप करने का पैसा भी देगा। इस पूरे मामले पर केजीएमयू प्रशासन की तरफ से कार्य किया जा रहा है।
दरअसल,नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से बीते महीने एक सर्कुलर जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स को भारत में इंटर्नशिप करने के लिये राज्य स्तर पर डीजीएमई की तरफ से मेडिकल कॉलेज अलॉट किए जाएंगे।
इतना ही नहीं इस सर्कुलर में यह भी कहा गया था कि फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स जिस भी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप करेंगे वहां पर उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा, बल्कि उन्हें स्टाइपेंड मिलेगा। इन्हीं बातों को लेकर केजीएमयू में कल हुई कार्यपरिषद की बैठक में चर्चा की गई है।
यह है नियम
बताया जा रहा है कि भारत में नियम है कि एमबीबीएस करने वाला छात्र उसी कॉलेज से इंटर्नशिप कर सकते है, जहां से उन्होंने मेडिकल ग्रेजुएट किया है।
इससे पहले एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर ग्रेजुएट छात्र किसी भी मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप कर लिया करते थे।
विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर भारत लौटे छात्रों को इंटर्नशिप का मौका मिलेगा लेकिन उसके लिए उन्हें पहले विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा पास करनी होगी।
ऐसे में उन छात्रों को फायदा मिलेगा, जो कोरोना वायरस के दौरान या फिर युद्ध संकट की वजह से स्वदेश लौटे हैं।
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