गोरखपुर: बुजुर्ग के अपहरण के मामले में बांसगांव पुलिस पर लगा लेटलतीफी का आरोप
गोरखपुर। बांसगांव थाना क्षेत्र के बेदौली गांव निवासी बुजुर्ग झब्बू यादव को लापता हुए आज एक माह हो गए।किन्तु बांसगांव पुलिस के अधिकारियों की कच्छप गति से जांच पर बुजुर्ग के पौत्र ने आज सवालिया निशान लगा दिया है। आज गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में प्रेसकांफ्रेन्स करते हुए अजय कुमार यादव पुत्र राजकुमार यादव ने …
गोरखपुर। बांसगांव थाना क्षेत्र के बेदौली गांव निवासी बुजुर्ग झब्बू यादव को लापता हुए आज एक माह हो गए।किन्तु बांसगांव पुलिस के अधिकारियों की कच्छप गति से जांच पर बुजुर्ग के पौत्र ने आज सवालिया निशान लगा दिया है।
आज गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में प्रेसकांफ्रेन्स करते हुए अजय कुमार यादव पुत्र राजकुमार यादव ने कहा कि उसके दादा जी झब्बू यादव (75 वर्ष)बीते 23 जून को खेत की बेहन की रखवाली करने के दौरान गायब हो गए।जिसकी सूचना उसने 24 जून को मुकामी पुलिस को भी दिया।इसी दौरान27 जून को उसके चाचा के बरामदे में एक लिफाफे में एक पत्र मिला,जिसमे लिखा था कि तुम्हारे पिताजी सुरक्षित है,बदले में एक करोड़ चाहिए।
उक्त पत्र पुलिस को दिया गया तो मामले में पुलिस ने धारा 364 ए के तहत मुकदमा दर्ज किया।पुलिस ने हैंडराइटिंग के आधार पर गांव के ही दो व्यक्तियों कमलेश यादव , राजमन यादव को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया,किन्तु पुलिस द्वारा उक्त अभियुक्तों से न तो कड़ाई से पूछताछ की गई और न ही अपहृत के बरामदगी का प्रयास किया गया।
इससे बांसगांव पुलिस व सम्बंधित अधिकारी की भूमिका संदिग्ध हो गई है।अजय का आरोप है कि इस मामले में जब उसने एसएसपी से मिलने का प्रयास किया तो एसपी साउथ द्वारा उसका प्रार्थना पत्र लेकर मिलने नही दिया गया।इसी तरह बीते 13 जून को मुख्यमंत्री के गोरखपुर जनता दरबार मे जाते समय सीओ बांसगांव ने उसे देखकर डांटते हुए कहा:यहां क्यों आये हो।
हम लोग तुम्हारे मामले में प्रयास कर रहे हैं,सीएम से मिलने से कुछ नही होगा और प्रार्थना पत्र रख डांट कर भगा दिया।उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों के इस रवैये से किसी गम्भीर षडयंत्र की आशंका नजर आ रही है।अब उसे बांसगांव पुलिस पर भरोसा नही है। अजय ने उच्चाधिकारियों से मांग किया कि एक अलग टीम बनाकर उसके दादाजी की बरामदगी कराये।साथ ही शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही की जाए।
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