कानपुर हिंसा की जांच पूरी, अभियोग पत्र दाखिल करने की तैयारी, जानें पूरा मामला

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कानपुर। राष्ट्रपति, पीएम, गवर्नर, सीएम की मौजूदगी में तीन जून को हुई कानपुर हिंसा की जांच को लेकर गठित एसआईटी ने जांच संबंधी कार्रवाई पूरी कर ली है। इस हिंसा का षड़यंत्र प्याज की परतों की तरह उधड़ चुका है। सूत्रों के अनुसार अब गिरफ्तारी होने की संभावना कम है। एसआईटी जांच पूरी करने के …

कानपुर। राष्ट्रपति, पीएम, गवर्नर, सीएम की मौजूदगी में तीन जून को हुई कानपुर हिंसा की जांच को लेकर गठित एसआईटी ने जांच संबंधी कार्रवाई पूरी कर ली है। इस हिंसा का षड़यंत्र प्याज की परतों की तरह उधड़ चुका है। सूत्रों के अनुसार अब गिरफ्तारी होने की संभावना कम है। एसआईटी जांच पूरी करने के बाद अभियोग पत्र तैयार कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में जौहर फैंस एसोसिएशन के अध्यक्ष हयात जफर हाशमी ने बाजार बंदी का आह्वान किया था। बड़े नेताओं के आगमन के कारण पुलिस ने हयात पर बाजार बंदी का आह्वान वापस लेने को कहा। इस पर हयात ने फेसबुक पर अपील करके बंदी का आह्वान वापस भी लिया।

बताया जाता है कि पीएफआई के दबाव में हयात जफर हाशमी पुलिस अधिकारियों से किए गए बाजार बंदी वापस लेने के वादे से मुकर गया। तीन जून की हिंसा इसका नतीजा निकला। नई सड़क सड़क, दादा मियां का हाता में उपद्रव हुआ। जमकर गोली बम पत्थर चले। पुलिस जांच में सामने आया कि चंद्रेश्वर हाता कब्जाने और शत्रु संपत्तियो में चल रही कार्रवाई को धीमा करने के लिए उपद्रव किया गया। इस प्रकरण से जुड़े बिल्डर हाजी वसी और बाबा बिरियानी के मालिक मुख्तार बाबा की गिरफ्तारी की गयी।

इस मामले में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल में डाल दिया है। सूत्रों ने बताया कि ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एपी तिवारी ने पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह के साथ बैठक करके बीते दिन समीक्षा की। तिवारी का कहना है कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है। इस षड़यंत्र के सभी राज सामने आ चुके हैं। अब जेल में आरोपितों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया जाना शेष है।

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