पीलीभीत: बिना पंजीकरण के अस्पताल में हो रहे प्रसव, स्वास्थ्य विभाग बना मूकदर्शक

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पीलीभीत, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही और कर्मचारियों की साठगांठ से जिले में धड़ल्ले से बिना पंजीकरण वाले निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराए जा रहे हैं। लेकिन अफसर जानकर भी अनजान बने हुए हैं। कुछ इस तरह का ही एक मामला शहर के नकटादाना चौराहा के समीप अस्पताल का …

पीलीभीत, अमृत विचार। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की लापरवाही और कर्मचारियों की साठगांठ से जिले में धड़ल्ले से बिना पंजीकरण वाले निजी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराए जा रहे हैं। लेकिन अफसर जानकर भी अनजान बने हुए हैं। कुछ इस तरह का ही एक मामला शहर के नकटादाना चौराहा के समीप अस्पताल का प्रकाश में आया है। जहां बिना पंजीकरण के अस्पताल में प्रसव कराए जा रहे हैं। बीते दिनों एक गर्भवती महिला के प्रसव करने के दौरान नवजात की मौत हो गई। मगर, इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया है।

शहर के नकटादाना चौराहा के पास वैदिक के नाम से एक निजी अस्पताल चल रहा है। जहां बाहर के डॉक्टर अस्पताल को चला रहे हैं। बीते दिनों दिवगंत अमित यादव ने मुख्यमंत्री पोर्टल और सीएमओ से लिखित शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि जिला महिला अस्पताल और तमाम सरकारी अस्पतालों से मरीजों को वैदिक कन्या अस्पताल में रेफर किया जाता है। इस मामले में सीएमओ ने जांच करने का शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था।

बीते दिनों माधोटांडा क्षेत्र के चांदूपुर गांव निवासी गायत्री देवी को प्रसव के लिए आशा सरकारी अस्पताल की जगह वैदिक अस्पताल ले गई थी। जहां प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि नवजात कम दिनों का था। मगर, इसके बाद भी डॉक्टर ने ऑपरेशन कर प्रसव कर दिया था। जिस वजह से उसकी मौत हो गई।

जानकारी होने पर पता चला कि अस्पताल के मानक पूरे न होने के कारण अस्पताल का पंजीकरण नहीं किया गया है। मगर, साठगांठ के चलते अस्पताल चलाया जा रहा है। अफसर की जानकारी में सब कुछ है, लेकिन उनके स्तर से भी कार्रवाई शून्य है। ऐसे में धड़ल्ले से नियम विरूद्ध तरीके से अस्पताल का संचालन किया जा रहा है।

अस्पताल के मानक पूरे नहीं होने के कारण उसका पंजीकरण नहीं हुआ था। इसके बाद भी वहां प्रसव होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी— डा. आलोक कुमार, सीएमओ।

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