बरेली: गैर जरूरी चेन पुलिंग पर लगाम कसेगा एसीपी डेटालॉगर
बरेली, अमृत विचार। ट्रेनों में होने वाली गैर जरूरी चेन पुलिंग न सिर्फ ट्रेनों को समय पर चलाने में रुकावट बनती है, बल्कि रेलवे को अलग-अलग स्थानों पर होने वाली चेनपुलिंग का डेटा जुटाने में भी समस्या होती है। इस दिक्कत से निपटने के लिए एसीपी डेटालॉगर नाम का उपकरण तैयार किया गया है। यह …
बरेली, अमृत विचार। ट्रेनों में होने वाली गैर जरूरी चेन पुलिंग न सिर्फ ट्रेनों को समय पर चलाने में रुकावट बनती है, बल्कि रेलवे को अलग-अलग स्थानों पर होने वाली चेनपुलिंग का डेटा जुटाने में भी समस्या होती है। इस दिक्कत से निपटने के लिए एसीपी डेटालॉगर नाम का उपकरण तैयार किया गया है। यह माइक्रोप्रोसेसर और प्रोग्रामिंग के जरिए तैयार किया गया उपकरण है। खास बात यह है कि यह है कि पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर डिपो की टीम ने कड़ी मेहनत के साथ इसे तैयार किया है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि यह उपकरण खतरे की जंजीर के दुरूपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ट्रेनों के बेहतर समय-पालन को सुनिश्चित करेगा। जिससे यात्रियों को निर्बाध और आरामदायक यात्रा का अनुभव हो सकेगा। एसीपी डेटालॉगर यात्रा के दौरान ही घटना का सटीक दिन और समय बता सकेगा।
यह डिवाइस खतरे की जंजीर के उपयोग पर पैनी नजर रखते हुए ट्रैक रिकॉर्ड रखने में सक्षम है, लिहाजा आरपीएफ द्वारा गैर जरूरी चेन पुलिंग के मामलों की जांच में सहायक होगा। साथ ही यात्रियों को बेहद विपरीत परिस्थिति में ही चेन पुल करने की सीख देगा। इस उपकरण का परीक्षण एक महीने तक किया गया। इस डिवाइस को लगाने में प्रति कोच महज 1700 रुपये का ही खर्च आएगा।
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