विश्व हेपेटाइटिस जागरूकता दिवस आज, रिश्तों में कड़वाहट की वजह बन रहा यह रोग

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ । अभी तक टीबी रोग को लेकर रिश्तो में कड़वाहट की बात सामने आती रही है। इस रोग की वजह से रिश्ते भी टूटे हैं, कई परिवारों के बिखरने की बात भी सामने आई हैं। लेकिन हेपेटाइटिस बीमारी की वजह से भी कुछ परिवारों में, दांपत्य जीवन में कड़वाहट आना,समस्याएं होना अब आम बात …

लखनऊ । अभी तक टीबी रोग को लेकर रिश्तो में कड़वाहट की बात सामने आती रही है। इस रोग की वजह से रिश्ते भी टूटे हैं, कई परिवारों के बिखरने की बात भी सामने आई हैं। लेकिन हेपेटाइटिस बीमारी की वजह से भी कुछ परिवारों में, दांपत्य जीवन में कड़वाहट आना,समस्याएं होना अब आम बात होती जा रही है और यह सब कुछ हो रहा है लोगों में हेपेटाइटिस बीमारी को लेकर जागरूकता की कमी के चलते।

यदि हेपेटाइटिस को लेकर लोगों को जागरूक किया जाए, तो बीमारी ठीक होने के साथ रिश्तो में मिठास भी आएगी।

बीमारी ठीक करने के साथ रिश्तो में मिठास लाने का काम कर रहे हैं डॉक्टर आकाश माथुर

एसजीपीजीआई के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ आकाश माथुर न सिर्फ हेपेटाइटिस जैसी बीमारी का इलाज कर लोगों कि जिंदगियां बचाते हैं बल्कि इस बीमारी के प्रति जागरूकता पैदा कर टूटते लोगों व संबंधों को जोड़ने का भी काम कर रहे हैं।

कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती है

हेपेटाइटिस को लेकर जागरूकता के अभाव में कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती है। उसके कुछ उदाहरण एसजीपीजीआई में भी देखने को मिले। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में कुछ दिन पूर्व हेपेटाइटिस बीमारी से पीड़ित एक महिला इलाज के लिए आई। बताया जा रहा है कि इस रोग के चलते उस महिला को उसके पति व ससुराल वालो ने ना सिर्फ घर से निकाल दिया बल्कि तलाक देने की धमकी भी दी।

डॉ. आकाश माथुर ने महिला का इलाज शुरू किया, साथ ही उनके परिवार वालों से बात कर बीमारी के प्रति जागरूक भी किया। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में महिला स्वस्थ है और अपने परिवार के साथ रह रही हैं। इसके अलावा इस बीमारी से ग्रसित होने पर कुछ लोग डिप्रेशन का भी शिकार हो जाते हैं।

डॉ आकाश माथुर के मुताबिक एक गर्भवती महिला हेपेटाइटिस बीमारी से पीड़ित होने पर उनके विभाग में इलाज के लिए आई थी, बीमारी के चलते पति पत्नी दोनों डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। महिला तथा उनके पति दोनों को यह लगता था कि जन्म लेने वाला बच्चा उम्र भर बीमारी से पीड़ित रहेगा। डॉ आकाश माथुर ने इलाज के साथ दंपत्ति की काउंसलिंग की। आज माँ व बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

यह मामले तो बानगी मात्र है। इस तरह के कई मामले अन्य जगहों पर भी सामने आते रहे हैं।

डॉ आकाश माथुर बताते हैं कि हेपेटाइटिस ऐसी बीमारी है,जिससे डरने की जरूरत नहीं है। बल्कि बीमारी के प्रति जागरूक रहकर इससे बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस लिवर में होने वाला संक्रमण है। यह संक्रमण हेपेटाइटिस वायरस के कारण होता है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाव तथा इलाज दोनों संभव है । लेकिन इसके प्रति जागरूक होना सबसे अहम है । साथ ही इस बीमारी का समय पर इलाज भी जरूरी है ,नहीं तो यह जानलेवा भी हो सकती है।

वह बताते हैं कि कभी-कभी यह बीमारी लिवर सिरोसिस या कैंसर का रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस वायरस के अलावा दवाओं तथा शराब की लत से भी हो सकता है।ऑटोइम्यून रोग भी इस बीमारी का कारण बन सकते हैं ।

हेपेटाइटिस वायरस

हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई पांच प्रकार का होता है।

हेपेटाइटिस बी और सी करोड़ों लोगों में बीमारी का कारण बनते हैं। यही लिवर सिरोसिस और कैंसर का सबसे बड़ा कारण भी हैं।

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