रामपुर : मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर रजा लाइब्रेरी में लगी पुस्तक प्रदर्शनी, कला के प्रसार का किया प्रयास
रामपुर,अमृत विचार। प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयन्ती के उपलक्ष्य में रजा लाइब्रेरी के दरबार हॉल में प्रेमचंद से सम्बन्धित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय रज़ा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी डा. राजेश कुमार ने किया। प्रदर्शनी में मुंशी प्रेमचंद से संबंधित करीब 250 मुद्रित पुस्तकें लगी हैं। प्रदर्शनी 14 अगस्त …
रामपुर,अमृत विचार। प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की जयन्ती के उपलक्ष्य में रजा लाइब्रेरी के दरबार हॉल में प्रेमचंद से सम्बन्धित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगी। प्रदर्शनी का उद्घाटन राजकीय रज़ा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी डा. राजेश कुमार ने किया। प्रदर्शनी में मुंशी प्रेमचंद से संबंधित करीब 250 मुद्रित पुस्तकें लगी हैं। प्रदर्शनी 14 अगस्त तक प्रदर्शित की जायेगी।
रजा लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में डा. राजेश कुमार ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद की विरासत को जिस निष्ठा से रामपुर रजा लाइब्रेरी ने संजोया है, वह प्रशंसनीय तो है ही, प्रेरणादायक भी है। आज 31 जुलाई को उनकी रचनाओं, उन पर आधारित आलोचनात्मक समीक्षात्मक ग्रंथों तथा चित्रों-उद्धरणों की प्रदर्शनी का शुभारम्भ करके कला के प्रसार का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। डा. सैयद मोहम्मद अरशद रिजवी ने कहा कि भारत सरकार की देशव्यापी योजना आजादी का अमृत महोत्सव एवं हर घर तिरंगा देश प्रेम की भावना को जन-जन में जागृत करने का एक सराहनीय प्रयास है।
मानव धर्म में देश प्रेम को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है क्योंकि देश प्रेम की भावना प्रत्येक देशवासी को एक डोर में बांधने की सबसे सफल प्रयोग है। डा अब्दुल रऊफ ने कहा कि आशा ही नहीं वरन् विश्वास के साथ ‘घर घर झंडा लहरायेगा और देश को एकता के सूत्र में बांधे रखने के लिए सभी प्रतिज्ञा करेंगे। देश की उन्नति, सभी क्षेत्रों में हो, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक परिपक्वता सभी में हो। कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् को धारण करते हुए आगे देश को प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त करें। लाइब्रेरी एवं सूचना अधिकारी डा. अबुसाद इस्लाही ने कहा कि रजा लाइब्रेरी भारत सरकार द्वारा मनाये जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव के अन्तर्गत विभिन्न विषयों पर निरन्तर कार्यक्रम करने के लिए प्रयासरत है। रजा लाइब्रेरी में मुंशी प्रेमचंद से संबंधित विभिन्न भाषाओं में लगभग 250 मुद्रित पुस्तकें संग्रह में उपलब्ध हैं।
प्रदर्शनी में लगी हैं मुंशी प्रेमचंद से संबंधित यह पुस्तकें
गांधी और प्रेमचंन्द, प्रेमचंद की हिन्दी-उर्दू कहानियां, प्रेमचंद कहानी-कोश, प्रेमचंद और उनका युग, प्रेमचंद की बस्ती, सोजे वतन, कफन : एक पुनः पाठ, प्रेमचंद : अध्ययन के कुछ आयाम, कर्मभूमि, प्रेमचंद के फटे जूते, प्रेमचंद के उपन्यासों का शिल्प-विधान, प्रेमचंद की कहानियों का कालक्रमानुसार अध्ययन, प्रेमचन्द की नीली आँखें।
ये भी पढ़ें : रामपुर : इंडो-इजरायल तकनीक से 1.4 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुई हाईटेक नर्सरी
