मुरादाबाद : सावधान! डुप्लीकेट सिम कार्ड से खाते खाली कर रहे साइबर ठग
मुरादाबाद, अमृत विचार। खाताधारक सावधान! साइबर ठगों ने ठगी का नया रास्ता ढूंढ निकाला है। डुप्लीकेट सिम कार्ड हथियाने के बाद नेट बैंकिंग की मदद से साइबर ठग खाताधारकों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। अमरोहा के एक पेट्रोल पंप के मालिक को 15, 45, 610 रुपये का चूना लगाने वाले चार ठग …
मुरादाबाद, अमृत विचार। खाताधारक सावधान! साइबर ठगों ने ठगी का नया रास्ता ढूंढ निकाला है। डुप्लीकेट सिम कार्ड हथियाने के बाद नेट बैंकिंग की मदद से साइबर ठग खाताधारकों को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। अमरोहा के एक पेट्रोल पंप के मालिक को 15, 45, 610 रुपये का चूना लगाने वाले चार ठग शुक्रवार को साइबर थाने के हत्थे चढ़ गए। अंतर जनपदीय ठगों के गिरोह के चारों सदस्यों को आईटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया। अमरोहा, रामपुर, बदायूं व संभल से सरोकार रखने वाले चारों आरोपी जेल भेज दिए गए।
साइबर थाने के सीओ अजेय कुमार शर्मा ने बताया कि संभल के असमोली में रहने वाले नसीम अहमद पुत्र रफीक पेट्रोल पंप मालिक हैं। उन्होंने तहरीर देकर बताया था कि अमरोहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के उनके खाते से 15, 45, 610 रुपये की ठगी की गई है। तहरीर के आधार पर अज्ञात पर अभियोग दर्ज कर साइबर थाने की टीम ने ठगों की तलाश शुरू की।
थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह को पता चला कि पीड़ित के खाते से लाखों की रकम निकाली गई है। बैंक में जमा रकम की निकासी के लिए ठगों ने पहले खाते से संबंधित मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड संबंधित कंपनी से निकाल लिया। इसके बाद नेट बैकिंग का इस्तेमाल कर पीड़ित के खाते से ठगों ने रुपये की निकासी की। पुलिस अभियुक्तों की तलाश में जुटी। सालिम पुत्र मकसूद निवासी मोहल्ला छेवडा थाना अमरोहा नगर, अमरोहा, इस्लाम पुत्र इरफान निवासी पपगॉव थाना विसौली जनपद बदायूं, मो. अफसर पुत्र मो. असगर निवासी मो. रूकनुददीन सराय थाना नखासा जनपद संभल व सूरज कुमार पुत्र केवल सिंह निवासी मानकपुर बजरिया थाना टाण्डा जनपद रामपुर को दबोचा। हत्थे चढ़े संदिग्धों ने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया। उनसे ठगी के 20 हजार रुपये, चार मोबाइल, दो आधार कार्ड, दो पेन कार्ड, एक बैंक पासबुक व एक एटीएम कार्ड बरामद किया।
बैंक चपरासी ने रची ठगी की साजिश
इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि छानबीन में पता चला कि पीड़ित का खाता जिस स्टेट बैंक में है, वहां सूरज कुमार चपरासी है। सूरज एमए तक पढ़ा है। सूरज को पहले से पता था कि पेट्रोल पंप मालिक नसीम के खाते में मोटी रकम का लेन-देन होता है। ऐसे में सूरज ने महज पांचवीं पास सालिम की मदद से ठगी की व्यूह रचना की। ठगी के आरोप में संभल के नखासा थाने से 2020 में जेल जा चुके सालिम व मोहम्मद अफसर की मदद से सूरज ने पेट्रोल पंप मालिक के खाते से संबंधित मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम कार्ड हथिया लिया। फिर ठगों ने धीरे-धीरे खाते से करीब साढ़े 15 लाख रुपये की ठगी की।
एक वर्ष बाद ठगी का पता चला
पेट्रोल पंप मालिक को एक वर्ष बाद खाते से लाखों रुपये निकलने का पता चला। यह दावा करते इंस्पेक्टर ने बताया कि शातिर ठग योजनाबद्ध तरीके से वारदात अंजाम दे रहे थे। खाते से लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन लगातार होने के कारण पीड़ित को ठगी का समय रहते अहसास नहीं हो सका। पेट्रोल पंप मालिक की नींद तब टूटी, जब उनका सिम कार्ड बंद हुआ। बंद सिम कार्ड दोबारा चालू कराने की कोशिश में पेट्रोल पंप मालिक को पता चला कि कंपनी पूर्व में उक्त मोबाइल नंबर का डुप्लीकेट सिम जारी कर चुकी है। तब पीड़ित ने खाते का ब्योरा निकाला। ठगी की पुष्टि के बाद सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस को संदेह है कि चारों साइबर ठग अन्य खाताधारकों को भी चूना लगा सकते हैं। अमरोहा स्थित एसबीआई के अन्य खाताधारक ने फिलहाल ठगी की नई सूचना पुलिस को नहीं दी है।
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