लखनऊ: PWD घटना की एक दिन में मांगी गयी रिपोर्ट,अभी तक नहीं शुरु हुई जांच, जानें पूरा मामला
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में हुई कनिष्ठ लिपिक विपिन सिंह की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष विकास से लेकर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन तक गंभीर नहीं है। मुख्यालय में शराब पार्टी के दौरान कर्मचारी की मौत व देर रात तक कार्यालय खुले के मामले को लेकर इन अधिकारियों का रवैया उदासीन है। घटना …
लखनऊ। लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में हुई कनिष्ठ लिपिक विपिन सिंह की मौत के मामले में विभागाध्यक्ष विकास से लेकर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन तक गंभीर नहीं है। मुख्यालय में शराब पार्टी के दौरान कर्मचारी की मौत व देर रात तक कार्यालय खुले के मामले को लेकर इन अधिकारियों का रवैया उदासीन है।
घटना के दो दिन बाद भी गठित की जांच समिति ने इस मामले में जांच तक नहीं शुरु कर पाई है जो कि बड़ी लापरवाही है। गौरकरने वाली बात तो यह है कि पीडब्लूडी कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने इस मामले में गुरुवार को ही विभागाध्यक्ष को निर्देश दिये थे कि एक दिन में सीसीटीवी समेत सभी पहलुओं पर विभागीय जांच कर सायं तक रिपोर्ट उपलब्ध कराई ।
घटना के कारणों की विस्तृत विवेचना कर उत्तरदायित्व निधार्रित किया जाए लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली के चलते दो दिन बीतने के बाद भी विभागीय समिति की जांच रिपोर्ट तक नहीं उपलब्ध कराई गई। लापरवाही तो यह है कि मुख्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी की फुटेज अभी तक तक नहीं निकल पाई है । सरकार व शासन के आदेश के बाद भी विभागीय जांच नहीं पूरा होना पीडब्लूडी के जिम्मेदार अधिकारियों की हीलाहवाली दोषी अधिकारियों, कर्मियों को बचाव पक्ष की ओर इशारा कर रही है ।
शासकीय कार्यालय में देर रात रुककर शराब पार्टी करने के मामले को लेकर विभागाध्यक्ष नजरअंदाज कर चुप बैठे रहे । दोषी कर्मियों पर कार्यवाही करने के बजाय जांच कराने की दलील देते रहे । कार्यालय में देर रात तक कर्मियों के रुकने की बात पूछने पर विभागाध्यक्ष टालमटोल करते नजर आये । बड़ी बात तो यह है कि घटना के दूसरे दिन भी विभागाध्यक्ष संदीप कुमार व प्रमुख अभियंता वीके श्रीवास्तव मृतक के परिजनों से बात तक करना नहीं पसंद कर रहे हैं।
जबकि परिजनों का आरोप है कि इस घटना के पीछे प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन वी के श्रीवास्तव, वरिष्ठ स्टाफ आफिसर व्यवस्थापन घ वर्ग अजय कुमार, विधि अधिकारी आशुतोष उपाध्याय,स्टाफ आफिसर सौरभ बैराठी भी दोषी हैं। परिजनों के मुताबिक इस घटना की पारदर्शिता के साथ जांच हो जाये तो सब कुछ सामने आ जायेगा । मृतक बुधवार की रात 9 बजे प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन के पास फाइल कराने गया था जहां उनके कार्यालय से निकलने के दौरान गिर गया । जब उठा तो उससे एक और दूसरी फाइल मांगी गयी ।
विभाग के महिला कर्मचारियों में आक्रोश
लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में प्रमुख अभियंता परिकल्प् एवं नियोजन और विभागाध्यक्ष की कार्यप्रणाली को लेकर विभाग में कार्यरत महिला कर्मियों में भारी आक्रोश है। देर रात तक कार्य के बोझ से कर्मचारी परेशान है। नाम न छापने के शर्त पर विभाग में कार्यरत महिलाओं ने बताया कि यहां के अधिकारियों की मनमानी रवैया से हम लोग परेशान है । महिला कर्मचारियों को भी रात 9 बजे तक रोका जाता है। महिला कर्मचारियों को सुरक्षा को लेकर हमेशा भय बना रहता है । उनका कहना है कि शाम होते ही यहां पर बाबू से लेकर अधिकारी तक नशे में धुत हो जाते हैं। ऐसे में हमेशा घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
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