गोरखपुर : बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी पर नहीं हो रही कार्रवाई, भटकने को मजबूर हैं परिजन

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गोरखपुर, अमृत विचार । मुख्यमंत्री के गृह जनपद में बलात्कार की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजन 5 दिनों से केस दर्ज करवाने के लिए देवरिया और गोरखपुर ज़िले का चक्कर लगा रहे हैं। दोनों ज़िले की पुलिस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। थानाध्यक्षों की लापरवाही के कारण एक तरफ़ तो पीड़िता और उसके परिजन …

गोरखपुर, अमृत विचार । मुख्यमंत्री के गृह जनपद में बलात्कार की नाबालिग पीड़िता और उसके परिजन 5 दिनों से केस दर्ज करवाने के लिए देवरिया और गोरखपुर ज़िले का चक्कर लगा रहे हैं। दोनों ज़िले की पुलिस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। थानाध्यक्षों की लापरवाही के कारण एक तरफ़ तो पीड़िता और उसके परिजन न्याय के लिए भटक रहे हैं दूसरी ओर आरोपी खुलेआम घूम रहा है।

पीड़िता के पिता ने बताया कि मैं देवरिया ज़िले के गौरी बाज़ार थाना क्षेत्र का रहने वाला हूँ। मेरी 17 वर्षीय बेटी नवंबर 2020 में अपने रिश्तेदारी में कुशीनगर ज़िले के थाना अहिरौली बाज़ार के एक गांव में गई हुई थी। उसी गाँव का मंजेश गुप्ता पुत्र सिंघासन गुप्ता को किसी तरह से मेरी बेटी का फ़ोन नंबर मिल गया। आरोपी पीड़िता को बार-बार फ़ोन कर परेशान करने लगा।

सितंबर 2021 में आरोपी ने धोखे से पीड़िता को तरकुलहा मंदिर बुलाया। यहाँ पर अनमोल नामक होटल में आरोपी ने पीड़िता का बलात्कार किया और कुछ नग्न तस्वीरें खींच लीं। पीड़िता ने आरोपी से तस्वीरें डिलीट करने को कहा लेकिन वह नहीं माना। पीड़िता रोने और गिड़गिड़ाने लगी तो आरोपी उसे होटल का बाहर ही छोड़कर फ़रार हो गया। पीड़िता ने लोकलाज के डर से घटना के बारे में किसी को भी नहीं बताया।
आरोपी मंजेश इसी का फ़ायदा उठाकर पीड़िता को बार-बार तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। पीड़िता को बुलाकर वह वहशीयाना हरकतें करता था, वह पीड़िता के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म भी करता था।

आरोपी ने 19 जुलाई को किशोरी के गाँव में उसकी नग्न तस्वीरों को जगह-जगह पर फेंक दिया और इंटरनेट पर भी वायरल कर दिया। पीड़िता के परिजन पहले अपनी शिकायत लेकर देवरिया ज़िले के गौरी बाजार थानाध्यक्ष के पास गये। थानाध्यक्ष ने यह कहते हुए वापस लौटा दिया कि घटना चौरीचौरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है इसलिए केस वहीं पर दर्ज होगा।

जब परिजनों ने चौरीचौरा थानाध्यक्ष से मुलाक़ात की तो उन्होंने कहा कि चूँकि पीड़िता नाबालिग है और उसका चरित्र हनन गाँव में ही हुआ है। इसलिए देवरिया ज़िले में ही केस दर्ज होगा। 8 अगस्त को पीड़िता शिकायत लेकर गोरखपुर एसएसपी कार्यालय गई हुई थी, लेकिन एसएसपी से उसकी मुलाक़ात नहीं हो सकी। कार्यालय से पीड़िता को देवरिया एसपी के पास जाने की कह दिया गया है। पुलिस के इसी रवैये की वजह से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।

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