बरेली: गबन की जांच को निकाले जा रहा बैंक स्टेटमेंट, एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट

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बरेली, अमृत विचार। भुता विकासखंड की ग्राम पंचायत उम्मेदपुर में बाजार की नीलामी के रुपये दूसरे खाता में जमा करने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। खाता संबंधित सारी डिटेल चेक कर बैंक स्टेटमेंट निकला जा रहा है। 2011 में सरकार ने एक ग्राम पंचायत में एक ही खाता खोलने के आदेश …

बरेली, अमृत विचार। भुता विकासखंड की ग्राम पंचायत उम्मेदपुर में बाजार की नीलामी के रुपये दूसरे खाता में जमा करने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है। खाता संबंधित सारी डिटेल चेक कर बैंक स्टेटमेंट निकला जा रहा है। 2011 में सरकार ने एक ग्राम पंचायत में एक ही खाता खोलने के आदेश जारी किए गए थे, बावजूद इसके इस ग्राम पंचायत में दूसरा खाता संचालित किया जाता रहा। बैंक स्टेटमेंट से गबन की धनराशि का पता लगाया जा रहा है।

ग्राम पंचायत उम्मेदपुर में सरकारी बाजार की नीलामी से मिलने वाले रुपयों का गबन के मामले में सीडीओ जग प्रवेश के आदेश पर की गई जांच में वीडीओ समेत चार लोग दोषी पाए गए हैं। जांच में पता चला था कि बाजार नीलामी से प्राप्त आय का एक अलग बैंक खाता बड़ौदा बैंक ग्रामीण बैंक भुता में प्रधान व सचिव के संयुक्त नाम से 6 जनवरी 2005 से संचालित किया गया था। अलग से खोले गए खाता की जांच किए जाने के लिए सीडीओ ने डीडीओ अरुण कुमार व डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार को जांच के लिए नामित किया है।

सचिवों व प्रधानों से होगी पूछताछ
डीपीआरओ ने बताया कि जांच के दौरान 2005 से 2011 तक 18 लाख रुपये का गबन किया गया है। अब 2011 से अब तक के बैंक स्टेटमेंट चेक किए जा रहे हैं कि इस खाते से कितने रुपये का गबन किया गया है, क्योंकि विकास कार्य के नाम पर ज्यादातर रुपया इसी खाते में आया है। आशंका है कि 11 साल में करीब एक से तीन करोड़ रुपये तक का गबन हो सकता है।

बैंक स्टेटमेंट आने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा। उम्मेदपुर में मिली अनियमितता के बाद बैंक खाता की जांच की जा रही है। 2005 से अब तक तैनात रहे सचिव व प्रधान से जांच टीम पूछताछ करेगी। साथ ही साक्ष्य न दिए जाने पर उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उम्मेदपुर ग्राम पंचायत में अलग से खोले गए खाता की जांच की जा रही है। बैंक स्टेटमेंट के आधार पर गबन की गई धनराशि का पता लगाया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार से रिकवरी की जाएगी— धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ।

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