शाहजहांपुर: मृत्यु दंड पाए कैदियों के बनाए तिरंगा सेना करेगी उपयोग
अमृत विचार, शाहजहांपुर। हर घर तिरंगा उत्सव मनाने के लिए तिरंगों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जेल में कैदियों द्वारा बड़े पैमाने पर तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं। जनपद के तमाम स्वयं सेवी संगठनों और समाजसेवियों द्वारा तिरंगा बनाने के लिए कारागार को उपयोगी सामग्री भेंट की जा रही है। कैदी सामग्री से …
अमृत विचार, शाहजहांपुर। हर घर तिरंगा उत्सव मनाने के लिए तिरंगों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जेल में कैदियों द्वारा बड़े पैमाने पर तिरंगे तैयार किए जा रहे हैं। जनपद के तमाम स्वयं सेवी संगठनों और समाजसेवियों द्वारा तिरंगा बनाने के लिए कारागार को उपयोगी सामग्री भेंट की जा रही है। कैदी सामग्री से तिरंगा तैयार कर कारागार प्रशासन, भारतीय सेना, छावनी बोर्ड, पुलिस प्रशासन, न्यायपालिका, कारागार मुख्यालय लखनऊ समेत जनसामान्य को उपलब्ध करा रहे हैं।
कारागार में बंदियों द्वारा अब तक 10 हजार तिरंगा सेना, छावनी बोर्ड, पुलिस, न्यायपालिका आदि को भेंट भी किए जा चुके हैं। तिरंगा तैयार करने वालों में ऐसे भी कैदी हैं, जिन्हें मृत्यु दंड की सजा हो चुकी है। देशप्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर बंदी लगातार अथक परिश्रम कर तिरंगे तैयार करने में जुटे हैं, ताकि हर घर तिरंगा मुहिम को सफल बनाया जा सके।
बुधवार को एसपी एस आनंद को कारागार में आमंत्रित कर तिरंगा भेंट किए गए। इसी कड़ी में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल वीके मिश्र को भी कारागार में तिरंगे भेंट किए गए। कर्नल मिश्र ने अपने साथी सूबेदार मेजर कमल सिंह राणा के साथ तिरंगा बनाने बाले बंदियों से मिलकर उनसे हाथ मिलाया और प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
इतना ही नहीं, छावनी बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिज्ञासा राज ने भी कारागार का भ्रमण किया और कैदियों को तिरंगा बनाते देखा। इस दौरान उन्हें भी 1200 तिरंगे भेंट किए गए। सीईओ जिज्ञासा राज ने तिरंगा तैयार करने वाले और सहयोग करने वाले बंदियों को उपहार देकर सम्मानित भी किया।
जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि जनपद के सभी न्यायिक अधिकारियों, स्टाफ के सदस्यों के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को भी तिरंगा भेंट किए गए। उन्होंने बताया कि 400 तिरंगा कारागार मुख्यालय, लखनऊ को भेजे गए तथा स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवी सामाजिक संगठनों को भी निशुल्क तिरंगा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि कारागार के अधिकारीगण, स्टाफ समेत 1600 से अधिक बंदी भी कारागार में निर्मित तिरंगे का प्रयोग आजादी के अमृत महोत्सव में करेगें।
