मुरादाबाद: 2283 दिव्यांग बच्चों को मिला शिक्षा का सहारा
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले के परिषदीय स्कूलों में इस बार 2283 दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए नामांकन कराया गया है। 40 विशेष शिक्षक शिक्षा प्रदान कर इन्हें स्वावलंबी बनने को प्रेरित कर रहे हैं। श्रवण, दृष्टि दोष, मूकबधिर, मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाते हैं मानदेय पर रखे गए …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जिले के परिषदीय स्कूलों में इस बार 2283 दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने के लिए नामांकन कराया गया है। 40 विशेष शिक्षक शिक्षा प्रदान कर इन्हें स्वावलंबी बनने को प्रेरित कर रहे हैं।
- श्रवण, दृष्टि दोष, मूकबधिर, मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाते हैं मानदेय पर रखे गए विशेषज्ञ शिक्षक
- दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए नगर क्षेत्र में भी हैं छह विशेष शिक्षक
स्कूल चलो अभियान में आउट ऑफ स्कूल या ऐसे बच्चे जिन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, उन्हें सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। इस सत्र में 2, 06, 877 छात्र-छात्राओं का नामांकन किया गया। इनमें 2283 दिव्यांग बच्चे हैं। इन विशेष बच्चों को शिक्षित करने के लिए विभाग में 40 विशेषज्ञ शिक्षक संविदा के आधार पर नियुक्त हुए हैं। नगर क्षेत्र के 62 स्कूलों में दाखिला पाए 400 दिव्यांग बच्चों को छह विशेष शिक्षक शिक्षित कर रहे हैं। दृष्टि दिव्यांग को ब्रेल लिपि से पढ़ाकर उनको अक्षर व अंक ज्ञान दिया जाता है। इसमें से कुछ बच्चों में विशेष प्रतिभा है। इन बच्चों को तराशने में विशेष शिक्षक भी रुचि ले रहे हैं।
जिंदगी के लिए हां, नशीली दवाओं को ना की आज दिलाएंगे शपथ
मुरादाबाद। युवाओं को नशीली दवाओं से दूर रखने के लिए गुरुवार को जिले के स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई जाएगी। उन्हें नशीली दवाओं के सेवन के दुष्प्रभाव बताए जाएंगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने और उसके दुरुपयोग को रोकने के लिए लोगों को जागरूकता की पहल अंतर्गत अमृत महोत्सव में कॉलेजों में नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। जीवन के लिए हां, नशीली दवाओं के लिए ना का संदेश दिया जाएगा। वेबसाइट के लिंक से भी इस कार्यक्रम से जुड़ा जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे का कहना है कि सभी कॉलेजों में शपथ दिलाने का निर्देश दिया है।
21 प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों की है श्रेणी
नगर क्षेत्र में दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने वाले विशेष शिक्षक अरविंद सिंह का कहना है कि 21 प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों की श्रेणी है। लेकिन, इसमें से चार या पांच प्रकार जैसे अंधता, श्रवण, मूकबधिर, अस्थि दिव्यांग बच्चे हैं, जिन्हें शिक्षित कर समाज की मुख्यधारा में शामिल कराया जा रहा है। कुछ में सीखने की ललक अधिक है। ऐसे छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में अधिक रुचि लेनी पड़ती है। उनका कहना है कि ऐसे बच्चों को दया की नहीं बस उन्हें संबल देने की जरूरत है। यह बच्चे भी और बच्चों की तरह भावनात्मक रूप से जुड़ाव पाना चाहते हैं।
