कानपुर: सरसैया घाट पुल के निर्माण में लोनिवि नहीं देगा वित्तीय मदद, बताई वजह
कानपुर। सरसैया घाट पर प्रस्तावित फोर लेन पुल के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से वित्तीय मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि विभाग की वार्षिक कार्ययोजना में यह प्रोजेक्ट शामिल ही नहीं है। उप्र सेतु निर्माण निगम के उप परियोजना प्रबंधक ने उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी को …
कानपुर। सरसैया घाट पर प्रस्तावित फोर लेन पुल के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से वित्तीय मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि विभाग की वार्षिक कार्ययोजना में यह प्रोजेक्ट शामिल ही नहीं है। उप्र सेतु निर्माण निगम के उप परियोजना प्रबंधक ने उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी को पत्र लिखा है और कहा है कि स्टील की दाम बढ़ने से पुल के निर्माण की लागत भी बढ़ गई है। साथ ही लोक निर्माण विभाग की ओर से वित्तीय सहभागिता नहीं होगी क्योंकि यह प्रोजेक्ट कार्ययोजना में शामिल नहीं है।
सरसैया घाट पर फोर लेन पुल बनाया जाना है। रैंप और पुल समेत कुल लंबाई सवा तीन किलोमीटर है। इसके बन जाने से सिविल लाइंस, गुमटी, दर्शनपुरवा, जरीब चौकी, घंटाघर, चमनगंज, प्रेम नगर आदि इलाकों के लोग आसानी से लखनऊ और उन्नाव आ जा सकेंगे। उन्हें जाजमऊ या फिर नवाबगंज से बैराज होते हुए नहीं जाना पड़ेगा।
इस पुल के निर्माण की योजना प्राधिकरण ने आठ साल पहले तैयार की थी। विधानसभा चुनाव से पहले इसका शिलान्यास होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो सका। सेतु निर्माण निगम ने इसका एस्टीमेट तैयार किया है। पहले जब एस्टीमेट बना था तब लागत 5, 03, 75,51,000 रुपये थी जो अब बढ़कर 5,38,10,42,000 रुपये हो गई है। लागत बढ़ने का कारण स्टील की कीमतों में बढ़ोत्तरी को बताया गया है। प्राधिकरण प्रबंधन की कोशिश थी कि इस पुल के निर्माण में लोक निर्माण भी वित्तीय सहभागिता करे, लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं है। उप परियोजना प्रबंधक कैसर मसरूर अंसारी ने पत्र में कहा है कि अभी यह प्रोजेक्ट शासन की कार्ययोजना में ही शामिल नहीं है। ऐसे में वित्तीय सहभागिता वहन किया जाना प्रस्तावित ही नहीं है।
आईआईटी जांच रहा डिजाइन
आईआईटी को डिजाइन और एस्टीमेट के परीक्षण की जिम्मेदारी प्राधिकरण की ओर से दी गई है। यह कार्य आईआईटी जल्द ही कर लेगा। इसके बाद प्राधिकरण प्रबंधन यह तय करेगा कि पुल का निर्माण कब शुरू कराना है।
ट्रांसगंगा के भूखंडों की दर में जुड़ी है लागत
गंगा बैराज पर बसाई जा रही ट्रांसगंगा सिटी के भूखंडों की दर में ही इस पुल की लागत जुड़ी हुई है। यही वजह है कि आवंटियों का दबाव है कि प्रबंधन जल्द से जल्द पुल का निर्माण शुरू कराए।
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