कानपुर : नहीं बन सके अमृत सरोवर, 118 का होना था निर्माण

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कानपुर, अमृत विचार। आजादी के अमृत महोत्सव पर जिले में 118 अमृत सरोवर का निर्माण होना था। 118 गांवों में तालाबों की खोदाई कर वहां सुंदरीकरण के कार्य किए जाने थे, लेकिन प्रधानों और पंचायत सचिवों की लापरवाही का ही परिणाम है कि ये अमृत सरोवर अधूरे ही रह गए। परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता दिवस पर …

कानपुर, अमृत विचार। आजादी के अमृत महोत्सव पर जिले में 118 अमृत सरोवर का निर्माण होना था। 118 गांवों में तालाबों की खोदाई कर वहां सुंदरीकरण के कार्य किए जाने थे, लेकिन प्रधानों और पंचायत सचिवों की लापरवाही का ही परिणाम है कि ये अमृत सरोवर अधूरे ही रह गए। परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता दिवस पर इन सरोवारों पर तिरंगा तो फहराया जाएगा, लेकिन लोग यहां न तो रैंप पर टहल पाएंगे और न ही पौधारोपण कर पाएंगे। सरोवरों में बोटिंग का मजा भी नहीं ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 75 वें वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया था। इसी कड़ी में गांवों में तालाबों की खोदाई कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना था। इसके लिए बकायदा ग्राम पंचायतों को पैसे भी दे दिए गए, लेकिन औरंगपुर सांभी, बैड़ी अलीपुर, बीबीपुर, ददारपुर कटहा, पिहानी मजबूत नगर, संभुआ, कठारा, दहेली, मझावन, कुल्हौली, पिपरगवां , जामू आदि गांवों में अभी तक तालाबों की खोदाई नहीं हो सकी। इन तालाबों में नौका डाली जानी है ताकि लोग बोटिंग का मजा ले सकें। वहां बैठने के लिए बेंच, टहलने के लिए रैंप आदि बनाए जाने हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कई बार समीक्षा की, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अधिकारी भी लगातार दावे करते रहे कि 15 अगस्त से पहले ही सरोवर बनकर तैयार हो जाएंगे, लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब सरोवरों के किनारे ध्वजारोहण किया जाएगा।

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