रामपुर: दहशत से 23 दिन बाद उबरा अनवा गांव, जेल भेजा शरारती युवक

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अमृत विचार, शाहबाद/रामपुर। अनवा गांव में आईएसआईएस के नाम से धमकी भरी चिट्ठी प्रकरण के आरोपी शरारती युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं गांव में गुमनाम चिट्ठियों भेजने वाला गांव का ही होने से गांव वाले चकित हैं। वह विश्वास नहीं कर पा …

अमृत विचार, शाहबाद/रामपुर। अनवा गांव में आईएसआईएस के नाम से धमकी भरी चिट्ठी प्रकरण के आरोपी शरारती युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं गांव में गुमनाम चिट्ठियों भेजने वाला गांव का ही होने से गांव वाले चकित हैं। वह विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि गांव के ही युवक ने उन्हें कई दिनों तक दहशत में रखा। देशभर में शोहरत पाने के लिए युवक ने यह हरकत की थी।

पहली बार गांव में आईएसआईएस के नाम से चिट्ठियां मिलने से पुलिस उलझ गई थी, कि यह किसी की खुराफात है या सच में ही किसी संगठन ने यह चिट्ठियां डाली हैं। लेकिन दोबारा अपने ही घर ने चिट्ठियां डालने से युवक फंस गया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया, सख्ती से पूछताछ की तो युवक टूट गया और उसने पुलिस को सारी कहानी सुना दी। मामले में पुलिस ने शनिवार को युवक को जेल भेज दिया।

21 जुलाई को मिले पहले पत्रों के बाद अगर अगस्त को दोबारा से पत्र डालने के बाद युवक अभिषेक प्रताप सिंह फंस गया और फिर पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पुलिस को अभी युवक को जेल भेजने के बाद आईएसआईएस से भी तार तो नहीं जुड़े हैं, यह भी जांचना है, इसलिए खुफिया एजेंसियां लगी हुई हैं। किसी के बहकावे में तो ऐसा काम नहीं किया, इस सबकी जांच पुलिस कर रही है।

गांव में हुई चहल कदमी, देर शाम को घर से निकलना शुरू
जिले के चर्चित धमकी भरी चिट्ठी प्रकरण में पुलिस के खुलासे के बाद गांव के लोग खौफ से बरी हुए और शाम को भी गांव में घुमते-फिरते दिखाई दिए। भानुप्रताप के बेटे ने ही गांव में आईएसआईएस के नाम से गांव में चिट्ठियां डालीं थीं। गुमनाम चिट्ठियों में आईएसआईएस का नाम होने के चलते गांव के लोग दहशत में जी रहे थे लेकिन गुमनाम चिट्ठी प्रकरण में पर्दाफाश होने के बाद गांव वालों ने राहत की सांस ली है। कई दिनों बाद गांव की चहक वापस आई। लोग घरों से बाहर निकले और खेतों पर पहुंचकर काम किया।

यह था पूरा प्रकरण-
गांव निवासी कुलदीप ठाकुर के घर के दरवाजे पर गुरुवार तड़के चार लिफाफे बंद खत डाले गए थे। उनमें चारों परिवारों को जान से मारने की धमकी थी। एक खास पेन ड्राइव और नक्शे की मांग की गई, जिसे बीस अगस्त को भारत लाना बताया गया। कहा गया कि ये सामान गृहमंत्री तक पहुंचने से पहले जज, मंत्री, अधिकारी बेचने का प्रयास कर रहे हैं। ये सामान इन परिवारों के किसी व्यक्ति के पास आईबी, रॉ एजेंसी ने सुपरविजन में रखे हैं। न देने पर गांव को सीरीन गैस से तबाह करने की भी धमकी दी गई।

बाद वाली चिट्ठी में ये सब
बुधवार रात भानुप्रताप के घर में एक और चिट्ठी डाली थी। जिस चिट्ठी में कथित तौर पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। उसमें वाटर टैंक में कोई पदार्थ मिलाने का जिक्र था। इस पर छत पर जाकर देखा गया तो वाटर टैंक का ढक्कन खुला हुआ था पानी नीला था। वहीं, चारपाई के चारों ओर ज्वलनशील पदार्थ डाला गया था।

आरोपी के पकड़े जाने के बाद अब सुकून में आए लोग
गांव में अब सुकून है, यह कहना है गांव के बुजुर्ग पूरनलाल मौर्य का काम किया। उनसे जब गांव के माहौल के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि गांव में तो अब सुकून है। लेकिन इस कारनामे में गांव के ही युवक का हाथ है, यह सुनकर बहुत अचम्भा हो रहा है। सुना है आरोपी युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया है, खैर जो जेसा करेगा वो वैसा ही भरेगा।

 

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