अयोध्या : अवैध निर्माण ढहाने गई प्राधिकरण टीम को झेलना पड़ा विरोध, किया यह बड़ा दावा
अयोध्या, अमृत विचार। मुठ्ठी गर्म कर शहर के चारों ओर अवैध प्लाटिंग को शह देने वाले अयोध्या विकास प्राधिकरण के कारिंदे अवैध प्लाटिंग ढहाने पहुंचे तो जनता ने खदेड़ दिया। यह वाक्या मंगलवार को जयपुरिया स्कूल के सामने हुआ जब दो बुलडोजर लेकर प्राधिकरण के अफसर वहां पहुंचे। हालांकि लोगों के जुटने तक प्राधिकरण ने …
अयोध्या, अमृत विचार। मुठ्ठी गर्म कर शहर के चारों ओर अवैध प्लाटिंग को शह देने वाले अयोध्या विकास प्राधिकरण के कारिंदे अवैध प्लाटिंग ढहाने पहुंचे तो जनता ने खदेड़ दिया। यह वाक्या मंगलवार को जयपुरिया स्कूल के सामने हुआ जब दो बुलडोजर लेकर प्राधिकरण के अफसर वहां पहुंचे। हालांकि लोगों के जुटने तक प्राधिकरण ने कई अवैध निर्माण ढहा दिए।
इसकी खबर मिलते ही भारी संख्या में लोग जुट गए और प्राधिकरण अफसरों के साथ तीखी झड़प हुई। लोगों ने प्राधिकरण टीम को बुलडोजर के साथ मौके से जाने को मजबूर कर दिया। हालांकि अभी भी प्राधिकरण रसूखदार लोगों के अवैध निर्माण की ओर झांकने तक नहीं जा रहा है।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की एक टीम मंगलवार को नगर नियोजक गोर्की के नेतृत्व में जयपुरिया स्कूल के सामने अवैध रूप से हुई हुई प्लाटिंग पर किए गए निर्माण को ढहाने पहुंची। जैसे ही टीम ने बुलडोजर से निर्माण ढहाना शुरू किया लोगों को खबर लग गई। देखते ही देखते भारी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने नाराजगी जताते हुए प्राधिकरण के अफसरों को घेर लिया और कार्रवाई को गलत बताने लगे। प्राधिकरण के अफसर बिना नक्शे के निर्माण का तर्क देने लगे तो लोगों ने पहले नोटिस फिर कार्रवाई किए जाने की बात कहीं। इस पर अफसरों की बोलती बंद हो गई। इसी बीच लोग आक्रोशित हो गए और जेसीबी को आगे बढ़ने से रोक दिया।
नगर नियोजक समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन लोगों ने घेर कर उन्हें वापस जाने को मजबूर कर दिया। एक महिला ने नगर नियोजक से सीधे भिड़ गई। महिला ने कहा कि आगे बुलडोजर चला तो किसी को सुरक्षित वापस जाने नहीं दिया जायेगा। करीब डेढ़ घंटे तक वहां लोगों और प्राधिकरण के अफसरों के बीच झौं-झौं होती रही। जिसके बाद प्राधिकरण की टीम को बैक फुट पर आना पड़ा।
लोगों का कहना है कि यदि अवैध निर्माण है तो पहले नोटिस दी जानी चाहिए जबकि किसी को एक नोटिस तक नहीं मिली। यहां के आशीष श्रीवास्तव ने कहा प्राधिकरण तब कहां था जब यहां प्लाटिंग हो रही थी। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण गलत कर रहा है। सूरज कुमार ने बताया कि जमीन का बैनामा और दाखिल खारिज तक उनके नाम है। यदि नक्शे की बात है तो पहले नोटिस दी जानी चाहिए। बताया गया है यहां करीब 300 लोगों ने प्लाट ले रखे हैं। प्राधिकरण का दावा है कि करीब 40 अवैध निर्माण ढहाए गए हैं जबकि लोगों का कहना है कि 10-15 निर्माण ही ढहाने दिया गया।

रसूखदारों के अवैध निर्माण को झांकने तक नहीं जा रहा प्राधिकरण
अवैध रूप से चारों ओर फैली अवैध प्लाटिंग को लेकर मुंह दिखाने के लिए गाहे-बगाहे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने वाला प्राधिकरण अभी भी सवालों से घिरा हुआ है। मंगलवार को जहां प्राधिकरण ने कार्रवाई की वहीं एक माननीय का भी प्लाट और अवैध निर्माण है लेकिन उसे छुआ तक नहीं गया है। इसे लेकर भी लोगों ने उसे घेरा है। इतना ही नहीं अयोध्या फैजाबाद दोनों नगरों को मिला कर करीब 500 ऐसी अवैध प्लाटिंग है जो रसूखदारों की है लेकिन अभी तक बुलडोजर तो दूर वहां एक कर्मचारी झांकने तक नहीं गया है। प्राधिकरण के एक बड़े अफसर तो एक बड़े भू-माफिया के साथ सोमवार को एक जगह ध्वजारोहण तक में दिखाई पड़े। प्राधिकरण और भू-माफिया का काकस बड़े करीने से दो चार कार्रवाई कर खुद को पाक साफ घोषित करने की कवायद कर रहा है।
दशक भर से हो रही अवैध प्लाटिंग, जेबे गर्म करते रहे अफसर
आज जिन अवैध प्लाटिंग को लेकर प्राधिकरण कार्रवाई की चाल चल रहा है वह दशक भर से हो रहीं हैं। इस दौरान अफसर से लेकर क्षेत्रीय अवर अभियंता तक माल काटने में जुटे थे। इधर जब से प्राधिकरण व भू माफिया के गठजोड़ को लेकर ‘अमृत विचार’ की मुहिम शुरू हुई तब जिम्मेदारों के पसीने छूटने लगे। इसके बाद जांच और कार्रवाई दोनों की सुधि आई।
बोले जिम्मेदार
जयपुरिया स्कूल के सामने कुछ अवैध प्लाटिंग पर कुछ निर्माण ढहाए गए हैं। वहां के लोगों को कागज के साथ कार्यालय बुलाया गया है। अवैध प्लाटिंग को लेकर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
गोर्की – नगर नियोजक, अयोध्या विकास प्राधिकरण, अयोध्या
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