बाहरी लोगों का मतदाता के तौर पर पंजीकरण लोकतंत्र के ताबूत में आखिरी कील ठोकने की तरह: महबूबा

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श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला से एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है, ताकि निर्वाचन आयोग द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में क्षेत्र के बाहर के लोगों का मतदाता के तौर पर पंजीकरण करने की अनुमति देने को …

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के नेता फारूक अब्दुल्ला से एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है, ताकि निर्वाचन आयोग द्वारा केंद्र शासित प्रदेश में क्षेत्र के बाहर के लोगों का मतदाता के तौर पर पंजीकरण करने की अनुमति देने को लेकर भविष्य की रणनीति तय की जा सके।

जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हृदेश कुमार के अनुसार, जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद पहली बार मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया जा रहा है और केंद्र शासित प्रदेश में करीब 25 लाख नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज होने की उम्मीद है।

मुफ्ती ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैंने फारूक साहब के सबसे वरिष्ठ नेता होने के कारण उनसे अनुरोध किया है कि वह इस संबंध में चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाएं, ताकि इससे निपटने के लिए मिलकर कोई कदम उठाया जा सके।’’ पीडीपी की अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने नेकां के प्रमुख से उन दलों को भी आमंत्रित करने को कहा है, जिनके साथ ‘‘हमारे मतभेद हैं।’’

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आम तौर पर रहने वाले बाहरी लोगों को नौकरी, शिक्षा या व्यापार करने के लिए मतदाताओं के रूप में पंजीकरण की अनुमति देने का चुनाव अधिकारियों का कदम यहां ‘‘लोकतंत्र के ताबूत में आखिरी कील ठोकने’’ की तरह है।

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