लखनऊ: आरटीओ व एआरटीओ डिलीट करा रहे मोबाइल पर दलालों से हुई चैट, जानें क्या है पूरा मामला

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अमृत विचार संवाददाता/लखनऊ। प्रदेश भर के आरटीओ कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के मामले की जांच शुरू होते ही परिवहन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आरटीओ और एआरटीओ अपने मोबाइल पर दलालों के साथ व्हाट्सएप पर हुई चैट को डिलीट करने में जुटे हैं। उन दलालों से सम्पर्क कर उनके मोबाइल से अपनी …

अमृत विचार संवाददाता/लखनऊ। प्रदेश भर के आरटीओ कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के मामले की जांच शुरू होते ही परिवहन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। आरटीओ और एआरटीओ अपने मोबाइल पर दलालों के साथ व्हाट्सएप पर हुई चैट को डिलीट करने में जुटे हैं। उन दलालों से सम्पर्क कर उनके मोबाइल से अपनी चैट डिलीट करवा रहे हैं। साथ ही दलालों को वह सभी नंबर बदलने को कहा है जिनसे वह सम्पर्क करते रहे हैं। हालांकि कई दलालों ने सभी अधिकारियों के साथ व्हाट्स एप पर हुई बात का स्क्रीन शॉट सेव कर रखा है।

बताते चलें कि कुछ दिनों पूर्व ही लखनऊ के आरटीओ कार्यालय में पुलिस की टीम पहुंची थी। अब तक तीन बार यहां आई पुलिस टीम ने तीन बाबुओं से खासी देर तक पूछताछ की। वाहनों की एनओसी जारी करने के साथ ही कई अन्य मामले में बाबू से पूछताछ की गई। साथ ही ऐसे वाहनों के बारे में भी पूछा गया जो जिनके वाहन मालिक की मौत पहले हो चुकी थी, बाद में उनके फर्जी हस्ताक्षर से उसे ट्रांसफर किया गया। कई वाहन नए वाहन जो कबाड़ बन चुके थे, उनकी चेसिस और पंजीयन नंबर का प्रयोग अन्य वाहनों में किए जाने के मामले की जांच भी चल रही है।

इसके अलावा फेसलेस लर्निंग में बरती जा रही धांधली को लेकर भी प्रदेश भर के आरटीओ कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। ऑनलाइन लर्निंग बंद हो जाने के बाद आवेदकों से मोटी वसूली की जा रही है। इसकी जांच भी शुरू हो गई है। इन सभी मामलों की शिकायतें परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह से भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि लाइसेंस संबंधी जो दिक्कतें आवेदकों को हो रही हैं, उन्हें दूर किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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