सुनियोजित ब्रांड निर्माण अभियान से भारत बनेगा उच्च शिक्षा का पसंदीदा गंतव्य
नई दिल्ली। विदेशी छात्रों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की ओर आकर्षित करने और भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘सुनियोजित ब्रांड निर्माण अभियान’ तैयार करने का सुझाव दिया है। आयोग के एक अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया कि …
नई दिल्ली। विदेशी छात्रों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली की ओर आकर्षित करने और भारत को एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘सुनियोजित ब्रांड निर्माण अभियान’ तैयार करने का सुझाव दिया है। आयोग के एक अधिकारी ने ‘भाषा’ को बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों के वैश्विक दर्जे और विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की लिहाज से ‘सुनियोजित ब्रांड निर्माण अभियान’ आवश्यक तत्व है।
उन्होंने कहा कि ऐसे में उच्च शिक्षण संस्थानों को ब्रांड निर्माण कार्यक्रम चलाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि ऐसे संस्थान सहित भारत अध्ययन के लिये आकर्षक गंतव्य बन सकें । भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों को संभावित विदेशी छात्रों की प्राथमिकता को लेकर अकादमिक एवं बाजार शोध के अनुरूप अलग अलग देश पर केंद्रित रिपोर्ट एवं रणनीति तैयार करने का सुझाव दिया गया है ।
इन्हें सरकार एवं नियामक निकायों की मदद से लागू करने की बात कही गई । सूत्रों ने बताया कि अभी आईआईटी, आईआईएम जैसे कुछ गिने चुने भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों ने ही दुनिया में ब्रांड के रूप में स्थान बनाया है, अन्य विश्वविद्यालयों को इस दिशा में इतना काम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर विश्वविद्यालयों के साथ आंतरिक रूप से चर्चा चल रही है। उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण विषय पर एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रांड निर्माण कवायद के तहत उच्च शिक्षण संस्थान डिजिटल प्लेटफार्म एवं वर्चुअल प्रारूप का उपयोग करें ।
इसमें कहा गया कि वे भारत की शिक्षा प्रणाली, संबद्धता पद्धति एवं रैंकिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान करें । रिपोर्ट के अनुसार भारत में छात्रों को आकर्षित करने के लिये छात्रवृत्ति एक महत्वपूर्ण आयाम है। उच्च शिक्षण संस्थान अपने ब्रांड निर्माण कार्यक्रम की रणनीति में छात्रवृत्ति से जुड़े पहलुओं को भी शामिल कर सकती है। इसमें कहा गया कि वे भारत एवं अपने संस्थानों में शैक्षणिक अवसरों के बारे में जानकारी देने के लिये लक्षित देशों में सेमिनार, कार्यशाला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर सकते हैं । विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2021 में भारत में कुल 23,439 विदेशी छात्र आए। हालांकि, कोरोना महामारी से पूर्व के वर्षो में यह संख्या अधिक थी। वर्ष 2019 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए 75,000 विदेशी छात्र भारत आए थे।
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