कालिका ढाबा मामला : आरोपियों की पैरवी करने वाले वकील की कुर्सी जब्त, कचहरी में घुसने पर भी पाबंदी

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अयोध्या, अमृत विचार। कालिका हवेली ढाबे में वकीलों की पिटाई के मामले में अधिवक्ताओं ने एक बार फिर से हुंकार भरी है। अब बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि मामले में जेल में बंद सात आरोपियों की पैरवी करने वाले के अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसी के तहत मंगलवार को पैरवी …

अयोध्या, अमृत विचार। कालिका हवेली ढाबे में वकीलों की पिटाई के मामले में अधिवक्ताओं ने एक बार फिर से हुंकार भरी है। अब बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि मामले में जेल में बंद सात आरोपियों की पैरवी करने वाले के अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसी के तहत मंगलवार को पैरवी करने वाले अधिवक्ता की कुर्सी जब्त कर ली गई और उसके नाम को काले पेंट से पोत दिया गया। साथ ही कचहरी परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी है। एफआईआर के लिए तहरीर तैयार करने को बार एसोसिएशन ने कमेटी गठित कर दी है। कमेटी तहरीर जैसे अधिवक्ता संघ को सौंपेगी तुरंत मामले में एफआइआर दर्ज कराई जाएगी।

मामले में आंदोलन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया जो मंडल कारागार में निरुद्ध हैं। बार एसोसिएशन ने हमलावर की पैरवी पर किसी अधिवक्ता के द्वारा किए जाने पर पूरी तरीके से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद एक अधिवक्ता करुणाकर दुबे ने मामले के सभी आरोपियों का जमानत प्रार्थना पत्र अदालत में दाखिल कर दिया। इसकी जानकारी होते ही बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। तय हुआ कि उसका बार काउंसिल से जारी किया जाने वाला नंबर नहीं है और बगैर इस नंबर के वह जमानत प्रार्थना पत्र नहीं दाखिल कर सकते। इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जानी चाहिए और उनका हुक्का पानी बंद कर देना चाहिए।

इसके बाद संघ अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कार्रवाई करते हुए करुणाकर दुबे की बेंच उठाकर बार एसोसिएशन में रखवा दी। तहरीर मिलते ही अधिवक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और अधिवक्ता के कचहरी परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी गई है।

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