लखनऊ : 22 साल पुराने इस हत्याकांड में मंत्री अजय मिश्रा टेनी की याचिका खारिज, जानिये क्या बोले चीफ जस्टिस

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लखनऊ, अमृत विचार। यूपी के लखीमपुर में 22 साल पुराने एक हत्याकांड से जुड़े मुकदमें में चीफ जस्टिस ने मंत्री अजय मिश्रा टेनी की याचिका खारिज कर दी है। अब लखीमपुर के तिकुनिया में साल 2000 में हुए प्रभात गुप्ता हत्याकांड का फैसला हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ही होगा। चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने …

लखनऊ, अमृत विचार। यूपी के लखीमपुर में 22 साल पुराने एक हत्याकांड से जुड़े मुकदमें में चीफ जस्टिस ने मंत्री अजय मिश्रा टेनी की याचिका खारिज कर दी है। अब लखीमपुर के तिकुनिया में साल 2000 में हुए प्रभात गुप्ता हत्याकांड का फैसला हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ही होगा। चीफ जस्टिस राजेश बिंदल ने कहा कि ट्रांसफर करने का ग्राउंड मजबूत नहीं है। दरअसल, टेनी के वकील ने 22 साल पुराने इस हत्याकांड की सुनवाई चीफ जस्टिस के यहां लखनऊ बेंच की बजाय इलाहाबाद बेंच में ट्रांसफर करने की याचिका लगाई थी।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा, “आपके वकील लखनऊ आकर केस की सुनवाई में पेश नहीं हो सकते हैं। इस ग्राउंड पर केस नहीं ट्रांसफर किया जाएगा।” 22 अगस्त को इस हत्याकांड में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से फैसला आना था। मगर, मंत्री के वकील सलिल श्रीवास्तव ने केस ट्रांसफर करने की एप्लिकेशन चीफ जस्टिस के यहां लगा दी।

इसके बाद हाईकोर्ट लखनऊ में जस्टिस रमेश सिन्हा और रेनू अग्रवाल की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 6 सितंबर दे दी थी। ये 5वीं बार था, जब फैसला आने की तारीख पर नई तारीख दी गई थी। बता दें कि 22 साल पहले हुई प्रभात गुप्ता की हत्या मामले में हाईकोर्ट का फैसला चार साल से सुरक्षित है। चीफ जस्टिस के फैसले से साफ हो गया है कि अब 6 सितंबर को प्रभात हत्याकांड का अंतिम फैसला आ सकता है। यह मुकदमा 22 साल से चल रहा है।

क्या थी घटना
प्रभात के भाई राजीव गुप्ता के अनुसार वह 4 भाई थे। प्रभात सबसे बड़े थे। तब उनकी उम्र 29 साल थी। वो सपा के युवा नेता थे। अजय मिश्रा उस समय भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष थे। अजय मिश्रा प्रभात को अपना प्रतिद्वंदी मानते थे। उन्होंने कहा आज भी वो दिन याद है। तिकुनिया थाना क्षेत्र के बनवीरपुरा गांव में हम लोगों का घर था। 8 जुलाई 2000 को प्रभात घर से दुकान पर जा रहे थे। तभी अजय मिश्र टेनी अपने साथी शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा के साथ मौके पर पहुंचा। उसने मेरे भाई को रोका। कुछ अनबन हुई, उसके बाद गोली चली। पहली गोली अजय मिश्रा ने चलाई जो सीधे जाकर मेरे भाई की कनपटी पर लगी। दूसरी गोली सुभाष मामा ने चलाई जो सीने पर लगी। जिससे उनको ऑनस्पॉट मौत हो गयी।

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