सीएम योगी ने यमुना व बेतवा से जुड़े जिलों में अलर्ट रहने के प्रशासन को दिए निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में यमुना और बेतवा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन नदियों के तटवर्ती जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि कल देर रात जारी निर्देश में यमुना और …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में यमुना और बेतवा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन नदियों के तटवर्ती जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि कल देर रात जारी निर्देश में यमुना और बेतवा नदी के प्रवाह क्षेत्र के जनपदों में बाढ़ के दृष्टिगत सभी संबद्ध जिला प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि राजस्थान के कोटा बैराज व धौलपुर में पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

वहीं बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश में हुई तेज बारिश से बेतवा नदी उफान पर है। ऐसे में आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, बांदा, प्रयागराज, मथुरा और मिर्जापुर जिलों में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए गांवों और शहरों में लोगों की सुरक्षा के लिए व्यवस्थित इंतज़ाम करने के निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने इन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने से उत्पन्न हालात की बुधवार को देर रात समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी तथा आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार सक्रिय रहें।

उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिये आपदा प्रबंधन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता ली जानी चाहिए। इसके अलावा सभी संबद्ध जिलाधिकारियों से नौकाओं, राहत सामग्री आदि का प्रबंध करने को भी कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ या अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में देर न हो। प्रभावित परिवारों को तत्काल हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

जिन गांवों में जलभराव की स्थिति बने, वहां पशुओं को अन्यत्र सुरक्षित स्थल पर शिफ्ट कराया जाए। इन स्थलों पर पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। राहत कंट्रोल रूम क्रियाशील रहे।

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