बरेली: यात्रियों का इंतजार करती रहीं बसें, महज 250 ही पहुंचे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। एक जून यानि सोमवार से शासन के आदेशानुसार रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया। पहले दिन ही बसों में यात्रा करने से लोग कतराते हुए नजर आए। बसों का संचलान तो जरूर शुरू हुआ लेकिन बसें यात्रियों का इंतजार ही करती रह गईं। यात्रियों के अभाव में अधिकांश बसें खड़ी रहीं। …

बरेली, अमृत विचार। एक जून यानि सोमवार से शासन के आदेशानुसार रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया। पहले दिन ही बसों में यात्रा करने से लोग कतराते हुए नजर आए। बसों का संचलान तो जरूर शुरू हुआ लेकिन बसें यात्रियों का इंतजार ही करती रह गईं। यात्रियों के अभाव में अधिकांश बसें खड़ी रहीं।

बरेली से बमुश्किल 250 लोगों ने यात्रा की। पूरे रीजन (बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर,पीलीभीत) में एक से डेढ़ हजार यात्रियों ने ही यात्रा की। सोमवार से शासन ने रोडवेज बस सेवा शुरू कर दी। उम्मीद थी कि रोडवेज बसों के शुरू होने पर जबरदस्त भीड़ उमड़ेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सुबह से ही सेटेलाइट और पुराने बस अड्डे पर सन्नाटा रहा। धीरे- धीरे करके यात्री आए लेकिन बेहद कम। बस अड्डों पर परिचालक सवारियों के लिए आवाज लगाते रहे, लेकिन सवारियां नहीं दिखी। पूरे रीजन से पहले दिन करीब 119 बसों का संचालन किया गया। इनमें करीब एक से डेढ़ हजार लोगों ने यात्रा की।

जबकि लाकडाउन से पहले एक दिन में चार से पांच हजार यात्री प्रतिदिन यात्रा करते थे। यात्रा करने से पहले बस अड्डे पर सवारियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग के बाद उनके हाथों पर मुहर भी लगाई गई। बिना मुहर लगे किसी भी सवारी को बस में चढ़ने की अनुमति नहीं थी। बताते चलें कि बरेली रीजन में चार डिपो आते हैं। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, और पीलीभीत।

परिचालक करेंगे यात्रियों के हाथों को सैनेटाइज
बसों के संचालन के बाद परिचालकों को एक और काम की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। किसी भी यात्री के बस में चढ़ने से पहले परिचालक को उसके हाथों को पूरी तरह से सैनेटाइज कराना होगा। हाथों के सैनेटाइज होने के बाद ही यात्री बस में प्रवेश कर सकेगा। परिचालाकों का कहना था कि अभी तक तो टिकट काटने और सवारियों की गिनती रखने का ही काम उनके लिए बहुत था। ऊपर से सवारियों को सैनेटाइज कराने की जिम्मेदारी अलग से सौंप दी गई।

दिल्ली नहीं गाजियाबाद तक जा रहीं बसें
दिल्ली में कोरोना को लेकर हालात काफी खराब चल रहे हैं। इसलिए रोडवेज बसों को दिल्ली नहीं भेजा जा रहा है। लाकडाउन से पहले सबसे ज्यादा बसें दिल्ली रूट पर ही थीं। चूंकि दिल्ली तक बसें नहीं जा रहीं इसलिए दिल्ली रूट पर यात्री नहीं मिल रहे हैं। बरेली से दिल्ली की तरफ केवल गाजियाबाद तक ही रोडवेज बसें जा रही हैं। आम दिनों में दिल्ली रूट पर 50 से 55 बसें चला करती थीं। सोमवार को महज तीन से चार बसें ही गाजियाबाद के लिए गईं।

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