लखनऊ: बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सकों ने सर्जरी कर बचाई नवजात की जान, रचा यह इतिहास
लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय के डॉक्टरों ने सर्जरी कर एक मासूम की जिंदगी बचाने में कामयाबी हासिल की है। इतना ही नहीं सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने इतिहास रचने के साथ ही राजकीय अस्पतालों के लिए नजीर भी पेश की है। दरअसल, सीतापुर के गुरैरा निवासी सूफियान के बच्चे का जन्म करीब 9 दिन पूर्व हुआ …
लखनऊ। बलरामपुर चिकित्सालय के डॉक्टरों ने सर्जरी कर एक मासूम की जिंदगी बचाने में कामयाबी हासिल की है। इतना ही नहीं सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने इतिहास रचने के साथ ही राजकीय अस्पतालों के लिए नजीर भी पेश की है। दरअसल, सीतापुर के गुरैरा निवासी सूफियान के बच्चे का जन्म करीब 9 दिन पूर्व हुआ था।

बताया जा रहा है बच्चे के जन्म से ही मल द्वार का निर्माण नहीं हुआ था, जिससे नवजात को लगातार उल्टियां हो रही थी और पेट फूल रहा था, इस वजह से बच्चे की जान पर खतरा बना हुआ था,परिजनों को भी पांच दिन बाद इस बात की जानकारी हो सकी। कुदरती तौर पर मलद्वार नहीं बनने की बात पर परिजन आनन-फानन में बच्चे को लेकर बलरामपुर अस्पताल पहुंचते हैं, जहां पर पीडियायट्रिक सर्जन डॉक्टर अखिलेश कुमार ने अपनी देखरेख में बच्चे को भर्ती कर लिया, तत्कालीन आवश्यक इलाज व जांचे कराई गई।
मरीज़ को फौरी तौर पर फिट करने के बाद अगले दिन सुबह उसका ऑपरेशन निशचेतक डॉक्टर एम पी सिंह, डॉक्टर चंदेल, डॉक्टर जूही पाल, स्टाफ नर्स उमा, महेंद्र श्रीवास्तव के सहयोग से संपन्न कराया गया। बच्चा अब अच्छे से स्तनपान कर रहा है व नए मलद्वार से मल निकाल पा रहा है । बताया जा रहा है कि बलरामपुर प्रदेश का पहला राजकीय अस्पताल है जहां इस तरह की सर्जरी की गयी है।
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