कोरोना संकट में यूपी सरकार ने बांटा सबसे ज्यादा राशन

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लखनऊ। कोरोना संकट के दौरान यूपी सरकार की संवेदनशीलता दिखी। गरीबों को न सिर्फ जरूरत के मुताबिक सहयोग मिला बल्कि लॉकडाउन के दो माह की अवधि में 17़ 77 करोड़ गरीब परिवारों व जरूरतमंदों को 29़ 66 लाख मीट्रिक टन राशन भी आवंटित हुआ। कोरोना संकट में उप्र ने सबसे ज्यादा राशन बांट कर एक कीर्तिमान …

लखनऊ। कोरोना संकट के दौरान यूपी सरकार की संवेदनशीलता दिखी। गरीबों को न सिर्फ जरूरत के मुताबिक सहयोग मिला बल्कि लॉकडाउन के दो माह की अवधि में 17़ 77 करोड़ गरीब परिवारों व जरूरतमंदों को 29़ 66 लाख मीट्रिक टन राशन भी आवंटित हुआ। कोरोना संकट में उप्र ने सबसे ज्यादा राशन बांट कर एक कीर्तिमान बनाया है।

लॉकडाउन में जिस वक्त गरीब तबका इस बात को लेकर चितिंत था कि उसके भोजन की व्यवस्था कैसे होगी, उस वक्त मुख्यमंत्री योगी की अगुवाई वाली सरकार ने बिना देर किए अनाज के सरकारी गोदामों को जनता के लिए खोल दिया। दो महीने से 3़ 55 करोड़ लोगों को हर महीने दो बार राशन मुहैया करवाना शुरू किया और पांच चरणों में चले इस अभियान के तहत 17़ 77 करोड़ लोगों को चावल, चना और गेहूं उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप खाद्य एवं रसद विभाग ने प्रत्येक लाभार्थी को सही समय पर खाद्यान्न तो उपलब्ध कराया ही, पहली जून से शुरू हुए पांचवें चरण के पहले दिन ही मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, ” 31 लाख 12 हजार 258 राशन कार्ड पर 81,438़163 मीट्रिक टन खाद्यान्न को गरीबों व जरूरतमन्दों तक पहुंचाया है। इसमें 78,325़ 90 मीट्रिक टन चावल और 3,112़ 25 मीट्रिक टन चना शामिल रहा। इतना ही नहीं, इसके अलावा 11 लाख 34 हजार 942 राशन काडोर्ं पर 35,493़ 292 मीट्रिक टन निशुल्क खाद्यान्न भी बांटा गया।”

मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि देश के अन्य राज्यों से वापस हुए प्रवासी 1212 श्रमिकों को 16़ 696 मीट्रिक टन खाद्यान्न उपलब्ध करवा कर प्रदेश सरकार ने अपनी सहृदयता दिखाई है। इनमें 440 शहरी श्रमिकों में 6़ 409 मीट्रिक टन और ग्रामीण क्षेत्र के 772 श्रमिकों को उपलब्ध कराया गया 10़ 287 मीट्रिक टन खाद्यान्न शामिल है। इन्हें भी चावल, चना के साथ गेहूं दिया गया है।

लॉकडाउन में प्रदेश सरकार ने अब तक चार चरणों में राशन आवंटित किया है। पांचवां चरण चल रहा है। अप्रैल में शुरू हुए प्रथम चरण में 3 करोड़ 53 लाख 63 हजार 963 लोगों में 747,324़ 650 मीट्रिक टन खाद्यान्न का आवंटन हुआ था। इसमें 96 लाख 22 हजार 404 लोगों को 265,360़ 285 मीट्रिक टन खाद्यान्न निशुल्क वितरित हुआ है।

द्वितीय चरण के अप्रैल में ही शुरू हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 3 करोड़ 57 लाख 39 हजार 226 लोगों को 686,145़ 660 मीट्रिक टन चावल का उपलब्ध कराया गया था। जिसमें 3 करोड़ 32 लाख 43 हजार 846 लोगों को 686,145़ 660 मीट्रिक टन नि शुल्क चावल बांटा गया है।

मई में शुरू हुए तीसरे चरण के खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम के तहत 3 करोड़ 53 लाख 19 हजार 530 लोगों को 756,626़ 490 मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया गया था। इनमें से 95 लाख 17 हजार 698 लोगों को 264,372़ 405 मीट्रिक टन निशुल्क उपलब्ध कराया गया तो इसी माह में चौथे चरण में शुरू हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 3 करोड़ 55 लाख 43 हजार 683 लोगों को 694,468़ 060 मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरण कर प्रदेश सरकार ने गरीबों की पीड़ा को कम करने का प्रयास किया था। इसमें भी 3 करोड़ 34 लाख 85 हजार 84 लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का कार्य परवान चढ़ाया गया था।

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