पढ़ाई करने विदेश नहीं जाएंगी अफगानी छात्राएं, तालिबान सरकार ने काबुल छोड़ने पर लगाई रोक
काबुल। अफगानिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। तालिबान ने लड़कियों (छात्राओं) को पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने छात्राओं को काबुल से कजाकिस्तान और कतर जैसे देशों में हायर एजुकेशन के लिए जाने से मना किया है। सिर्फ छात्रों को …
काबुल। अफगानिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। तालिबान ने लड़कियों (छात्राओं) को पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने छात्राओं को काबुल से कजाकिस्तान और कतर जैसे देशों में हायर एजुकेशन के लिए जाने से मना किया है। सिर्फ छात्रों को ही काबुल से बाहर जाने की इजाजत दी गई है।
आपको बता दें कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और अमेरिका समर्थित सरकार के पतन के बाद तालिबान के नेतृत्व में एक अंतरिम अफगान सरकार का गठन हुआ। यह सरकार सितंबर 2021 में सत्ता में आई। अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद सबसे पहले तालिबान ने एजुकेशन सिस्टम में बदलाव करने शुरू किए। तालिबानी हुकूमत ने लड़कियों के लिए हाई स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए थे। महिलाओं के विरोध के बाद क्लास छह तक स्कूल खोले गए। हाल ही में अफगानिस्तान के होम मिनिस्टर और तालिबान के को-डिप्टी लीडर सिराजुद्दीन हक्कानी ने हाई स्कूल खोलने का वादा किया था। लेकिन अब हायर एजुकेशन के खिलाफ नया फरमान जारी कर दिया गया है।
लड़कों की तुलना में लड़कियों को कम भोजन
अफगानिस्तान में सत्ता काबिज करने के बाद तालिबान ने कहा था कि वो महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा आजादी देंगे। लेकिन पिछले एक साल से अफगानिस्तान में रहने वाली महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। परिवार की लड़कियों को लड़कों की तुलना में कम भोजन मिल पा रहा है।
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