बरेली: आरसी जारी होने पर चार बिल्डरों से चार लाख रुपये वसूले
बरेली, अमृत विचार। वसूली प्रमाणपत्र जारी होने के बाद तहसीलदार सदर ने मैसर्स नाइन प्लैनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि 154 सिविल लाइंस, हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड चौपुला रोड पर एसवी इंटर कॉलेज के पास मार्केट, मैसर्स एलाइंस निर्माण लिमिटेड, स्टेडियम रोड समेत अन्य से जुर्माने की रकम वसूल कराई है। वसूली की धनराशि को संबंधित आयोग व …
बरेली, अमृत विचार। वसूली प्रमाणपत्र जारी होने के बाद तहसीलदार सदर ने मैसर्स नाइन प्लैनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि 154 सिविल लाइंस, हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड चौपुला रोड पर एसवी इंटर कॉलेज के पास मार्केट, मैसर्स एलाइंस निर्माण लिमिटेड, स्टेडियम रोड समेत अन्य से जुर्माने की रकम वसूल कराई है। वसूली की धनराशि को संबंधित आयोग व प्राधिकरण के खातों में जमा कराई गई है। इसकी रिपोर्ट भी संबंधित आयोग और प्राधिकरण को भेजी गई है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम (प्रथम) के अध्यक्ष ने अभिषेक सक्सेना बनाम हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड के विरुद्ध लाखों रुपये का जुर्माना लगाया था। रकम जमा न होने पर 22 सितंबर 2021 को 13 लाख 12 हजार 625 रुपये वसूली के लिए आरसी जारी हुई थी। आरसी के आधार पर कंपनी से 1 लाख रुपये की रकम वसूल की गई है।
इसी कंपनी के बिल्डर के विरुद्ध उपभोक्ता फोरम ने अभय कुमार अग्रवाल बनाम हॉरिजॉन डेवलपिंग प्राइवेट लिमिटेड केस में 2 लाख 99 हजार 625 रुपये का जुर्माना लगाया था। रकम जमा न होने पर 26 नवंबर 2020 को आरसी जारी की गई। दो साल तक रकम वसूली की फाइल दबी रही।
शासन से वसूली तेज करने के आदेश होने के बाद फाइल निकाली गई और बिल्डर से 50 हजार की रकम वसूली गई। उप्र भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण के सचिव ने आवंटियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं देने के मामले में निशांक भ्रमर बनाम मैसर्स नाइन प्लैनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रालि के विरुद्ध जुर्माना लगाया था। बाद में 11 लाख 66 हजार 181 रुपये की आरसी जारी की गई। इस पर बिल्डर से तीन चेक के जरिए 1 लाख की रकम वसूल की गई।
जिला उपभोक्ता फोरम एम ब्लॉक प्रथम तल विकास भवन आईपी स्टेट न्यू दिल्ली ने एक मामले में सुनवाई करते हुए मैसर्स एलाइंस निर्माण लिमिटेड के विरुद्ध 9 लाख 12 हजार 540 रुपये का जुर्माना लगाया था। रकम जमा न होने पर आरसी जारी की गई। बिल्डर से दो चेक के जरिए 99 हजार रुपये की वसूली की गई। तहसीलदार सदर अनिल कुमार यादव की ओर से उपरोक्त बिल्डरों से रकम वसूल खातों में जमा कराकर संबंधित आयोग व प्राधिकरण को अवगत कराया गया है।
यह भी पढ़े- बरेली: NCB की छापेमारी से मची खलबली, मेडिकल स्टोर की कई दुकानों पर जांच
