पीलीभीत: फर्जी जांच पर बसंतापुर में लगे ‘मरौरी बीडीओ’ मुर्दाबाद के नारे
पीलीभीत, अमृत विचार। जिले में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ योगी सरकार जीओ टॉलरेंस पर काम करने की बात करती है तो वहीं सरकारी मशीनरी इस पर पलीता लगा रही है। मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बसंतापुर में मनरेगा योजना में धांधली हुई। रविवार को ग्रामीणों ने फर्जी जांच …
पीलीभीत, अमृत विचार। जिले में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ योगी सरकार जीओ टॉलरेंस पर काम करने की बात करती है तो वहीं सरकारी मशीनरी इस पर पलीता लगा रही है। मरौरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बसंतापुर में मनरेगा योजना में धांधली हुई। रविवार को ग्रामीणों ने फर्जी जांच के विरोध में मरौरी बीडीओ मुर्दाबाद के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि मामले में उच्च अधिकारी जांच करें। अन्यथा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
दरअसल, मनरेगा योजना के तहत गांव में जानकी प्रसाद के बाग से ओम प्रकाश के खेत तक चकरोड का निर्माण होना था, लेकिन निर्माण कागजों में करा दिया गया। जिसका भुगतान मस्टररोल द्वारा 1.42 लाख का करा लिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ। मामले में ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और रोजगार सेवक पर फर्जी भुगतान कराने के आरोप लगे थे। इस खबर को अमृत विचार समाचार पत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
जिसके बाद सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। 27 अगस्त को मरौरी ब्लॉक बीडीओ ब्रजेश कुमार गौतम गांव में जांच के लिए पहुंचे थे। जिसमें ग्रामीणों के मुताबिक बीडीओ ने फर्जी जांच कर अभिलेखों को ही गलत बता दिया था। इधर, 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बीडीओ ने सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप को जांच नहीं सौंपी है। फर्जी जांच होने के बाद से ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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